भारतकोश
कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)

Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary

कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा

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परिशिष्ट २३९ C | D | J | F सूर धीर अनइ सपराण | अलूयांन बलवंतु बंदउ | अलूपान बलवंतु बांदु | अलूअपान वलअंतु धंदउ पातसाहि तब तेड्ड | महुल मांहि तेडावड | महल मांहि ते तेड्ड | मुहलि आगिलइ तेडउ अन्ने | साहमा | साहमु | हवि बल न छांडुं | छयल भगइ नवि छांडउं | छिल भणि नवि छांडहं | पहिला | | | छयल भणइ नवि छांडं पोलि | छीहं | छीहूं | वीठउ | दिठउ | दीठउ | धणुं | धार | गोर | हुई हाक | हीया द्रगि | हईया भ्रगि | बीजोरां | बीजोरा | बीजोरा | नालिकेरं | केलेहरा | केलिहरां | असूर | कटक | कटक | चिहूं पथि | चिहु दसि | चिहुं दिसि | चिहंसइ जे कहीइं | जे