कान्हड़दे प्रबन्ध (कवि पद्मनाभ - जालोर चौहान वीरगाथा, अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध व जौहर इतिहास)
Kanhadade Prabandha of Kavi Padmanabha with Commentary
कवि पद्मनाभ (सम्पादक: प्रो. कान्तिलाल बलदेवराम व्यास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२६४ कान्हडदे प्रबन्ध श्लोक खंड पद्यांक | श्लोक खंड पद्यांक जाणी वात मालदे राउति ४ १७० | जोड मलिकनंड मांटीपणउं ४ ९४ जाणी वात सांडीउ आण्यु २ ५७ | जोयड अंग तणइ अनुराणि ४ ३१२ जाण्यउ परदेसी परधान १ २१ | जोयणि जोयणि पाला सइ वीस ४ ९१ जाण्यउं राउ घणउ अम्हे नदीउ ३ २१ | जोवा मिसइ मलिक तिणि वार ४ ३१३ झालहुरउ जगि आणीइ १ ५ | झ झालहुर गढ उत्तम ठाउ ४ ३४४ | झाझां नीर सरोवर मोटां २ ९६ झालहुर गढ बिसमउ थइइ २ ३३ | झालर घावि मांहि अंतेउरि ४ २३५ जासहू कटक आपणइ ठामि ३ १३१ | झांशण नई पानु पडिहार ३ ५२ जास तणइ तेजी लप आठ ३ ७ | झरुझूरा करइ विसासइ १ १७६ जास तणउं सीताइ नाम ३ ११८ | ट जांगी ढोल सातसइ वाजइ १ १९९ | टूके कांने भूगरभेला २ १२४ जि को बंधन छोडवइ स्वामी १ १२५ | टोडेडे बायीय ४ १०१ जिणि देसइ सहू तीरथि जाइ १ १७ | टोले टोले पदइ करांपि २ ६ जिणि यमुनाजलू गाहीडउं १ ३ | ठ जिरहजीण लिवराइ खवलां १ २०४ | ठामि ठामि साबाण सिराचा २ १०५ जैसी प्रीति हणूया सुग्रीव ४ ५७ | ड जिसी कमलयुग नयन विशाल ४ १२० | डहिली दोर साबाण सिराचा १ ४० जिहां पीडीइ विप्र नई गाय १ ३३ | डूंगर तणां सिखर डगमगइ ४ २४५ जीणइ वसइ झालउरउ कागद ४ २७ | ढ जीतउ कान्ह वात इम सुणी १ २३८ | ढीली जाइ तु मरण ज थइइ ३ २२२ जीवंतव्यनी आसा टली २ १४७ | त जीहलवाडू नई देयेर ४ ९० | तई बालिउ फाम त्रिपुर विष्धंसिउ १ १०२ जु अम्ह आवी सांतल मिलइ २ १६१ | तउ महिपइ मोकलाव्या राय ३ ११६ जूअउ गढ गिरनार चुलीउ १ १०७ | तउ श्रीगिरनइ चांषी घडी ३ ४० जूनां धान हुई बलहीण ४ १२४ | तडंग समेति सेतल्डू लपणइ १ १४८ जूनां सालणो सूको पड ४ ३७ | तडीयां नगर सवे घंघोल्यां १ ६१ जे जे आण्था घानर चीर १ २३४ | ततषिण उठउ जसपति राय १ २८ जे जे तुरक नासी उवह्या २ २ | ततषिणि घडीउ राउल कान्ह ४ २५२ जे जे मलिक राइ झालीया ३ २४७ | तरल त्रिकलसां झलहलइ रे ३ १५४ जेठ मासि सुझ पूवडी आह्नि ३ २०९ | तरुअर छांद परस घडवटे ४ ३१ जे नीसाण तोरकां तिहां सिरि ३ ९३ | तरुआरे सोनहरी मूठि ४ ४६ जे पद नहीं उयाग नइ तीरथि १ ९३ | ताजू रानू छोय छोगाला २ १२७ जे पहिरइ मुदा फोयडी ४ ३० | थाम सुतुं मस भनि तिलवडु २ १२४ जे फल नारायण दीठइ नेवि ४ ३४१ | तास तणा मंदिरि बीसमउ ४ १२ जे फल पामइ गंगाद्वारि ४ ३४८ | तास पुत्र घुइवी निरमला ४ ३३९½ जे फल पामइ तपसी संपे ४ ३४७ | तिणइ ठामि कान्ह उल्टीयउ ४ २३६ जे फल लहइ द्वारिकां छमासि ४ ३५० | तिणइ दिवसि अमावस हुंती ३ ८९ जे फल हुइ तप कीधइ सदा ४ ३५६ | तिणइ दिवसि बेडि मांडिसइ ३ २०८ जोई बाट राउल कान्हडदे २ ३१ | तिणि अवतारि पाप बादरिउं ३ २०२