भारतकोश
करूँ जगत से न्यार

करूँ जगत से न्यार

Karun Jagat Se Nyaar

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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तो उसे बिरादरी से छेक दिया ताकि बाकी को न ला सके। मैंने कहा कि उन्होंने क्या छेकना है, हमने उन्हें पहले ही छेक रखा है। वो टीम शातिर है। मैं ठीक से जानता हूँ । आपको समस्या में डालेंगे, भक्ति से डाउन करने की कोशिश करेंगे। निरंजन का अंदर से भी हमला है और बाहर से भी । एक पंडिताइन घूमती रहती है; कहीं भी ठीक न हुई । नाम लेकर ठीक हुई तो पाखंडी कहने लगे कि यह डायन है, पेड़ के नीचे एक बच्चे का कलेजा निकालकर खा रही थी। वो आकर रोने लगी, कहने लगी कि पानी भरने जाती हूँ तो सब औरतें दूर हो जाती हैं। मैंने कहा कि फिर तो बड़ा अच्छा है, तू आराम से पानी भर लिया कर । कहने लगी कि बच्चे स्कूल जाते हैं तो कोई भी बच्चा उनके पास नहीं बैठता है । मैं परेशान हूँ और आप मौजू ले रहे हैं। मैंने कहा कि तेरे आस-पास लोग हैं, जो भूत-प्रेतों से परेशान हैं। कहा कि हैं। मैंने कहा कि चुपचाप उन्हें लाती जा । ...तो ये किसी भी हद तक जा सकते हैं। लड़का हो तो कहते हैं कि गंडमूल में हुआ है। यदि कहो कि नाम लिया है तो कहते हैं कि नाम तूने लिया है, लड़के ने नहीं; गंडमूल में तो लड़का हुआ है; ग्रह उसे लगा है। यानी वो किसी भी सीमा तक जाकर आपको घुमायेंगे । इसलिए नाम - दान के समय ये सब मना करता हूँ। ...तो दुनिया आपको हटाना चाहेगी। एक माई आई, लड़की को लाई, कहा कि इसे नुक्स हो गया है। मैंने पूछा कि नाम लिया है ? कहा—हाँ! ऐसे लोगों के लिए मेरे पास एक ही शब्द है - पाखण्डी । दरअसल उस लड़की को दौरे की बीमारी थी। यहाँ पर सयानों ने बड़ा भ्रम फैला रखा है। सिरदर्द भी हुई तो भूत आ गया है। वो इसी तरह से अपना काम चला रहे हैं । लड़की कहने लगी कि मम्मी सयाने के पास ले जाती है । सयाना मुझे मारता है । मैंने माई को कहा कि नाम-दान के समय सीधा बोला था कि यह - यह काम नहीं करना। उसने कहा कि मैं नहीं जाना चाहती थी। पड़ौसी लोग, ताये - चाचे सब इकट्ठा हुए, पूरा मौहल्ला इकट्ठा हुआ और जबरन सयाने के पास ले गये। 6 महीने चक्कर काटे । फिर बाद में मेरे पास आई है । क्या साहिब मदद करेगा ? नहीं! वजह सुनो।