भारतकोश
करूँ जगत से न्यार

करूँ जगत से न्यार

Karun Jagat Se Nyaar

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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नामी यह बदलाव अनुभव कर सकता है। जो मैं कह रहा हूँ कि जो वस्तु मेरे पास है ब्रह्मांड में कही नहीं है । इस वस्तु के साथ तीन चीजें आ जाती हैं । पहला तो मन और आत्मा अलग हो जाते हैं । दूसरा संसार का आकर्षण समाप्त हो जाता है । हृदय में रोशनी हो गयी, प्रकाशित कर दिया। सुकरात ने कहा कि अँधा वो नहीं है जिसकी आँखें फूटी हैं; अँधा वो है जिसे अंदर के दोष नहीं दिखते। अक़्ल दे दी। जिसका नाम ग़लत है, जब वो करने जायेंगे तो दिमाग़ समझायेगा कि यह ग़लत है । बड़ा तगड़ा दिमाग़ कर दिया। देखो, ब्रह्माण्ड में विस्फोट हो रहे हैं । सूर्य से भी बड़ा ग्रह हैं, जहाँ इस समय मई 2007 से आतिशबाजी हो रही है। वो खरबों मील दूर है, उसके टुकड़े यहाँ नहीं आयेंगे। बड़े-बड़े धूमकेतु यहाँ पहुँचे हैं, बड़े-2 खड्डे किये हैं । 150 कि. मी. खड्डा किया था, पूरी धरती को हिलाकर रख दिया था। आज भी चल रहे हैं। वैज्ञानिक यहाँ से बड़ी-बड़ी दूरबीनों से देख रहे हैं । आम आदमी नहीं देख पा रहा है। आपके शरीर में बड़ी लूट हो रही है । चश्म दिल से देख तू, क्या क्या तमाशे हो रहे ।..... आप नहीं देख पा रहे हैं वो ब्लास्टिंग । नासा केंद्र से वैज्ञानिक देख रहे हैं । आप आकाश की तरफ देखें, पर नहीं दिखाई देगा। ऐसे ही आपको वो चश्मा दिया है कि अंदर के शत्रु दिख रहे हैं, विकारों को आप देख पा रहे हैं। यह मामूली काम नहीं है। आम आदमी नहीं देख पा रहा है। फिर तीसरा एक पूर्ण सुरक्षा मिल जाती है। आपमें ईश्वरीय सत्ता पैदा की। बच्चे को चिंता नहीं है कि खाना कब है, सोना कहाँ है । जानता है कि माँ की चिंता है। वो निश्चिंत है। उसने आजमाया है, वो दिल से मानता है कि माँ सरंक्षक है। ऐसे ही आप जानते हैं कि गुरु सरंक्षक है । आप अपने को संसार के लोगों में अलग पाते होंगे । उनका मन पर कोई नियंत्रण नहीं है। पर आपका मन पर होल्ड हो गया है। एक महात्मा के अंदर यह होता है कि बदल देगा। दुनिया खालमखाली है, हम बदल देंगे आपको । नाम देते समय आख़िर संत - सतगुरु क्या करते हैं, संक्षेप में इस बात को इस तरह समझें।