भारतकोश
करूँ जगत से न्यार

करूँ जगत से न्यार

Karun Jagat Se Nyaar

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)

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मामले में भी आप परम- ज्ञानी हैं। क्या करने योग्य है, क्या नहीं करने योग्य है, यह भी आपको समझाने की ज़रूरत नहीं है । जैसे ही आप कोई ग़लती करने जाते हैं, अन्दर से एक प्रेरणा मिलती है, आपको वो ताक़त चेतन करती है, बताती है कि यह न किया जाए । यह ज्ञान आपके पास है । आप महसूस करते हैं। भक्ति-क्षेत्र में आप अनूठे हैं। जब आप अन्य मत-मतान्तरों की तरफ देखते हैं तो एक बात का पता चलता है कि कभी वे भैरो को मानते हैं, कभी काली जी को मानते हैं, कभी कुछ करते हैं। इसका बोध मिलता है, इसकी जानकारी मिलती है । वे भ्रम में हैं; वे अनिश्चित हैं । आपको इसका ज्ञान है कि दुष्टात्माएँ कैसे व्यवधान डालती हैं । आपको इसका बोध हो जाता होगा । आप भक्ति में मजबूत हैं । आप दुनिया से निराले हैं। दुनिया का हरेक आदमी मन के नशे में है, मन की पकड़ में है । हरेक को मन, जैसे चाहे, नचाता है, पर आप मुक्त हैं । आपके ऊपर मन का ज़ोर नहीं चल पाता है। साहिब कह तो रहे हैं-

नाम होय तो माथ नमावे। ना तो यह जग बाँध नचावे ॥

नि:संदेह इस मन का कोई ज़ोर आपपर नहीं चल रहा है । मन बेबस है | पूरी दुनिया को यह नचा रहा है। एक नशा - सा मन का सबके ऊपर है। माया का एक नशा-सा सबके ऊपर छाया है । पर आप मन की पकड़ से आज़ाद हैं। मन का नशा छाता है तो काम, क्रोध आदि जाग्रत होते हैं । ये चीजें आपमें भी हैं, पर आपके पूरे कण्ट्रोल में हैं। आपका ये चीजें कुछ नहीं बिगाड़ पा रही हैं। आपमें आध्यात्मिक शक्ति भरपूर है । आपके पंथ में लाजवाब शक्तियाँ हैं । आप मन, कर्म, वचन से किसी को पीड़ा नहीं देने वाले, अन्दर से शांत और सुखी हैं। एक ताक़त आपको प्रेरित कर रही है । आप पूरे सुरक्षित हैं। भूत-प्रेत आपके पास नहीं आ पा रहे हैं। आपके पास आना तो दूर, यदि आप किसी ऐसे ग़ैरनामी के पास बैठकर नाम करेंगे जिसके पास में भूत होगा तो वहाँ से भी भाग जायेगा । आपपर कोई जादू, टोना, सिद्धि ताक़त प्रभाव नहीं डाल पा रही है। मेरा मानना है कि साहिब एक बात की अनुभूति दिलाता है। जीवन में एक बार, दो बार या कई बार, पर दिलाता है। यह काम साहिब खुद करता है । एक बार धर्मदास जी उदास हो गये । साहिब अपनी जगह धर्मदास को देकर

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