भारतकोश
काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

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"? Look at the word: श्चेत्संज्ञा or स्वेत्संज्ञा? Wait, "ककारस्येत्संज्ञाप्रयोजनाभावाच्च भवति" -> स्येत्संज्ञा! Look at line 24-25: Line 24 ends with: ककार- Line 25 begins with: स्येत्संज्ञा प्रयोजनाभावाच्च भवति । (ककारस्य इत्संज्ञा) Wait, does line 25 say प्रयोजनाभावाच्च or प्रयोजनाभावान्न? Look closely at: प्रयोजनाभावा then न्न (double na) भवति! "प्रयोजनाभावान्न भवति" (The it-samjna of kakara does not take place due to lack of purpose)! Yes! In "काम्यच्", why is 'क' not an it-letter by 'लशक्वतद्धिते'? "प्रयोजनाभावान्न भवति"! Let's check the letters: प्रयोजनाभावान्न भवति । Yes, न्न! Not च्च! Then: चकारादित्वाद्वा काम्यचः ॥ उपयट्काम्यति ॥ Wait, "उपयट्काम्यति" or "उपयत्काम्यति" or "उपयट्काम्यति"? Letter: उप then then ट् or `त्