काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)
Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras
आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा
DevanagariHindipublished828 पृष्ठ
पृष्ठ 166, कुल 828 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 166
"? Wait, look at: स + म + ब + ? Let's look at the letters: स, म्ब, न्ध, ी ? No, look at the loop: It's 'स' 'म्' 'ब' 'न्' 'ध' 'ी' - wait, is there a virama? Look at line 27: "धातोरिति वर्तते । धातोस्सम्बद्धास्तव्य तव्यदनीयर इत्येते प्रत्यया भवन्ति ।" Wait, let's look at the letters:
- "धातोरिति वर्तते ।"
- "धातोस्"
- "सम्बद्धा" ? No, look at 'द्ध': it's 'ब' + 'ध'? No, 'स' 'म्' 'ब' 'न्' 'धी'? Wait, look at the letter after 'म्': it's 'ब', then 'द्धा'? No, there is no 'न्' loop. It's 'ब' then 'द्ध' then 'त्'? Wait, what if it is: "धातोस्सम्बद्धास्तव्य तव्यदनीयर्..."? Wait, look at: "तव्य अनीयर्" - between 'तव्य' and 'इत्येते': 'त' 'व्य' then 'अ' 'नी' 'य' 'र्' -> "तव्य अनीयर्"! Wait, where is 'तव्यत्'? Does it say: "तव्यत्तव्य