भारतकोश
काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished828 पृष्ठ

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निमित्तम्? तत्सवन्तेप्यनिमित्तम्` - yes, exactly matches the previous ones.

Line 19: पराचिकीर्षति । इह जुगुप्सते मीमांसते इति अनुदात्तेत इत्येव सिद्धमात्मने- Wait, is it इत्येव? अनुदात्तेत इत्येव सिद्धमात्मने- - yes.

Line 20: पदमवयवे कृतं लिङ्गं समुदायस्य विशेषकं भवतीति ॥ Wait, look at the start of L20: पदमवयवे कृतं लिङ्गं समुदायस्य विशेषकं भवतीति ॥ Yes! पदमवयवे.

Line 21: आम्प्रत्ययवत्कृञोऽनुप्रयोगस्य ॥ ६३ ॥ Wait, sutra text: आम्प्रत्ययवत्कृञोऽनुप्रयोगस्य ॥ ६३ ॥ Wait, is there an avagraha? In the image: आम्प्रत्ययवत्कृञोऽनुप्रयोगस्य - yes, is clearly visible!

Line 22: अकर्त्रभिप्रायार्थोयमारम्भः । आम् प्रत्ययो यस्मात्सोयमाम्प्रत्ययः आम्प्र- Wait, look at अकर्त्रभिप्रायार्थोयमारम्भः: `अ-क-र्

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