भारतकोश
काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished828 पृष्ठ

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। कर्त्तिता ।Wait, look atसद्विति किम्in L12: Is itसद्विति किम्orसेति किम्? Look at the sutra: से ऽसिचि->सेति किम् । कर्त्तिता ।! Wait! Look at the image L12: सेति किम्! The letter is से, then ति: सेति किम् । कर्त्तिता ।Look at it closely:with an e-matra:से, then ति: सेति किम् । कर्त्तिता ।And next:असिचीति किम् । अकर्त्तीत् ॥`

Now Sutra 58: L14: गमेरिट् परस्मैपदेषु ॥ ५८ ॥ L15: गमेर्धातोः सकारावेरार्धधातुकस्य परस्मैपदेष्विडागमो भवति । गमि- Wait, is it सकारावेरार्धधातुकस्य or सकारादेरार्धधातुकस्य? In L15: it's a typo in the original text: सकारावेरार्धधातुकस्य or सकारादेरार्धधातुकस्य? Look at the letter: it looks like सकारावेरार्धधातुकस्य or `सकारा