भारतकोश
काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

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ः"? No, 1.3.something? Or 7.4.something? Let's read the characters in line 17-18: ओण्योश्चेङि- त्करणं ज्ञापकं नित्यमपि द्विर्वचनमुपधाह्रस्वत्वेन बाध्यतइति । Wait: ओण्योश्चेङित्करणं? Wait, root ओण्: "ओण्योश्चेङित्करणं" -> wait, "ओण्योः" + "च" + "इङित्करणं" or "एङित्करणं"? Wait, look at line 17: ओण्योश्चेङ्कि-? Wait: ण्यो श्चे ङि with virama? No, ङि with त् = ङित्करणं! "ओण्योश्चेङित्करणं ज्ञापकं..." Wait, sūtra 7.4.24? No, "ओण आपने"? No, "ओण्योः" - root ओण् (oṇ). "ओण्योश्चेङित्करणं ज्ञापकं नित्यमपि द्विर्वचनमुपधाह्रस्वत्वेन बाध्यत इति।" Yes, ङित्करणम् (ṅit-karaṇam)!

Line 18: `त्करणं