भारतकोश
काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

काशिका वृत्ति (आचार्य वामन एवं जयादित्य - अष्टाध्यायी सूत्र-वृत्ति सम्पूर्ण सान्वय सटीक)

Kasika Vritti of Vamana and Jayaditya on Panini Sutras

आचार्य वामन एवं जयादित्य (सम्पादक: पण्डित बालशास्त्री) द्वारा

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wait,वक्ष्यमाणमन्यतरस्यांग्रहणमुभयोः(with anusvara:स्यांग्रहणम्). Let's look at L30: भवति । तत्कथं वक्ष्यमाणमन्यतरस्यांग्रहणमुभयोः शेषो विज्ञायते । प्रकार इति Wait,शेषो विज्ञायतेorशेषो भवति? It is शेषो विज्ञायते ।`

*   L31:
    `किम् । पटुर्देवदत्तः । गुणवचनस्येति किम् । अयंमाणवकः । गौर्वाहीकः ।`
    Wait, look at `अयंमाणवकः`:
    Is it `अयंमाणवकः` or `अयम्माणवकः` or `अयं माणवकः`?
    There's `अयं` and `माणवकः` quite close, `अयंमाणवकः । गौर्वाहीकः ।`

*   L32 (Footnote):
    `* द्विवचनमत्र पूर्वसूत्रेणैवेति पुस्तकान्तरेऽधिकम् ।`
    (Notice the `*` at the beginning matches the `*` in L7 after `बहुव्रीहिवद्भवति * ।`)

5. Final pass to ensure all markers and punctuation are accurate: * L1: `७४० ॥ का

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