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कठोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Katha Upanishad with Shankara Bhashya

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished182 पृष्ठ

॥ श्रीहरिः ॥

गीताप्रेस, गोरखपुरसे प्रकाशित विभिन्न गीताएँ

(१) श्रीमद्भगवद्गीता-तत्त्व-विवेचनी—(टीकाकार—श्रीजयदयालजी गोयन्दका)
गीता-विषयक २५१५ प्रश्न और उनके उत्तररूपमें
विवेचनात्मक टीकाके कई संस्करण—
(क) बृहदाकार—मोटे टाइपोंमें।
(ख) ग्रन्थाकार—विशेष संस्करण।
(ग) ग्रन्थाकार—सामान्य संस्करण।
(घ) संस्कृतमें श्लोक, अंग्रेजीमें व्याख्या।

(२) गीता-साधक-संजीवनी—(टीकाकार—स्वामी श्रीरामसुखदासजी) गीताके मर्मको समझने-हेतु व्याख्यात्मक शैली एवं सरल, सुबोध भाषामें टीका—
(क) बृहदाकार—मोटे टाइपोंमें हिन्दी।
(ख) ग्रन्थाकार—विशेष संस्करण हिन्दी।
(ग) पाकेट साइज—दो खण्डोंमें हिन्दी।
(घ) ग्रन्थाकार—मराठी अनुवाद।
(ङ) ग्रन्थाकार—गुजराती अनुवाद।
(च) ग्रन्थाकार—अंग्रेजी अनुवाद।
(छ) ग्रन्थाकार—बँगला अनुवाद (अध्याय १ से १२ तक)।

(३) गीता-दर्पण—(स्वामी श्रीरामसुखदासजीद्वारा) गीताके तत्त्वोंपर प्रकाश, लेख, गीता-व्याकरण और छन्द-सम्बन्धी गूढ-विवेचन, सचित्र, सजिल्द।
इस पुस्तकका ग्रन्थाकार हिन्दी, मराठी, बँगला तथा गुजराती संस्करण भी उपलब्ध है।

(४) गीता-शांकरभाष्य—गीतापर आचार्य शंकरका भाष्य।

(५) गीता-माधुर्य—स्वामी श्रीरामसुखदासजीद्वारा सरल प्रश्नोत्तर शैलीमें हिन्दी, तमिल, कन्नड़, मराठी, गुजराती, उर्दू, नेपाली, बँगला, असमिया एवं अंग्रेजी अनुवाद भी उपलब्ध है।

(६) गीता-चिन्तन—(ले०—श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार)।

(७) श्रीमद्भगवद्गीता-पदच्छेद (मूल, अन्वय, भाषाटीकासहित) हिन्दी, गुजराती, बँगला, मराठी।

(८) श्रीमद्भगवद्गीता—(श्लोक, अर्थ तथा प्रत्येक अध्यायके माहात्म्यसहित) हिन्दी, मराठीमें उपलब्ध।

(९) श्रीमद्भगवद्गीता—(सटीक) मोटे अक्षरोंमें आकर्षक बहुरंगा आवरणसहित।

(१०) श्रीमद्भगवद्गीता—केवल भाषा।

(११) श्रीमद्भगवद्गीता—भाषाटीका गुटका (हिन्दी, अंग्रेजी एवं बँगला)।

(१२) श्रीपञ्चरत्नगीता—गीता, विष्णुसहस्रनाम, भीष्मस्तवराज, अनुस्मृति, गजेन्द्रमोक्ष (मोटे अक्षरोंमें, केवल मूल पाठ)।

(१३) गीता मूल विष्णुसहस्रनामसहित—(नित्य-स्तुतिसहित विशेष संस्करण)।

(१४) गीता रोमन—संस्कृतमें श्लोक, रोमनमें मूल एवं अंग्रेजी अनुवाद।

(१५) गीता ताबीजी मूल
(क) माचिस-आकारमें।
(ख) सम्पूर्ण गीता एक पत्रेमें।

(१६) गीता-ज्ञान-प्रवेशिका—गीता-व्याकरणका ज्ञान करानेवाली शोधपरक पुस्तक।

(१७) गीता-दैनन्दिनी—सम्पूर्ण गीता एवं अनेक उपयोगी सूचनाएँ और जीवनोपयोगी सूत्र (दो आकार, तीन प्रकारमें) पुस्तकाकार, पाकेट साइज, प्लास्टिक-आवरण एवं कपड़ेके आवरणमें।

॥ श्रीहरिः ॥

गीताप्रेस, गोरखपुरसे

प्रकाशित

उपनिषद्

उपनिषद्विवरण
ईशादि नौ उपनिषद्अन्वय, हिंदी व्याख्यासहित
बृहदारण्यकोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
छान्दोग्योपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
ईशावास्योपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
केनोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
कठोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
माण्डूक्योपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
मुण्डकोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
प्रश्नोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
तैत्तिरीयोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
ऐतरेयोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित
श्वेताश्वतरोपनिषद्हिंदी अनुवाद शांकरभाष्यसहित