भारतकोश
कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)

कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)

Kausika Grihyasutram of Atharvaveda with Hindi Translation

महर्षि कौशिक (अनुवादक: पण्डित उदयनारायण सिंह) द्वारा

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( २ ) पृष्ठ पंक्ति अशुद्ध शुद्ध ४९ १७ अभिमंन्त्रण अभिमंत्रण ५१ ४ निवति निर्वपति ५५ २८ बहुमूल बहुमूत्र ५६ १३ मूस्त ' मूस ५६ १७ अग्निमंत्रण अभिमंत्रण ,, २४ उपर ऊपर ५७ ४ भूमि भूमिं ५८ १७ अवसेचत अवसेचन ,, ,, जलोदरक जलोदरके ५९ ११ हाथ धनुष को हाथ में धनुष को लेकर ६३ २० ओलनी ओलती ६९ १४ विल्लिगी विलिगी ७० २१ शीर शीभ ७५ २३ सिंचन कर सिञ्चन करे ८० १६ तेहतीसवी तेतीसवीं ८४ २९ पैहाने पैताने ८६ २७ ॥ ७ ॥ ॥ १७ ॥ ,, २९ ॥ ११ ॥ ॥ १८ ॥ ९१ १५ अकवीन अकवन ९६ १६ सत सूत ९७ २२ पिवे पीवे १०९ ५ बभूथ बभूव १११ ५ मन्याशायां मन्याशालायां ११२ २३ पांशों पाशों १२८ १० गडूजी गुडूची १२९ २६ ही हो १३५ १४ माता और पिता माता माता और पिता १५० १५ भूमिका भूमिको १५६ १७ दाता देवे देवे १६२ १० सच सबको