कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)

कौशिक गृह्यसूत्रम् (अथर्ववेद शौनक शाखा - संक्षिप्त टीका एवं पं. उदयनारायण सिंह हिन्दी अनुवाद)
Kausika Grihyasutram of Atharvaveda with Hindi Translation
महर्षि कौशिक (अनुवादक: पण्डित उदयनारायण सिंह) द्वारा
DevanagariHindipublished361 पृष्ठ
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( ३ ) पृष्ठ पंक्ति अशुद्ध शुद्ध १६२ ११ ,, १२ ,, १३ ,, १४ ,, १५ } सब सबको ,, १६ ,, १७ ,, १८ १६४ २४ सदसठ सरसठ १६५ १९ थजमा को यजमान से १५१ २४ रवि रवीँ ,, २७ रवि रवीँ १७४ १८ पुतावे न बुझावे १८३ १८ कमर इजर कमर में इजार १९० २३ हय यह २०७ १७ कह कहे २०९ १८ नावे नाव को घरे २१८ २४ भो भोः २३१ २६ चारवी चौथी २३४ २३ आठहवी आठवीं २४३ २३ वन के आध टीका संग्रह शुद्धा शुद्धि वन के आधे ९ ८ मध्यमधर मध्यमा धर २४ २७ अमिमृ अभिमृ २५ २५ काराणि द्वाराणि २५ ३० मृगारव मृगाखर ३० १६ तदक्षन् तद्वदत् ३० २२ चिन्याद्या चित्याद्या ३१ २३ वा प्रताप वा प्रतापयति ३१ २८ यांखे यां त्वे ३१ २९ न शिक्षस्य शिक्षस्य