भारतकोश
कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)

Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola

आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला द्वारा

DevanagariSanskritpublished918 पृष्ठ

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प्र० ५५ : अ० ३६ ] नागरिक के कार्य २४७

(१) पादः पञ्चघटीनाम् । कुम्भद्रोणीनिःश्रेणीपरशुशूर्पाङ्कुशकचग्रहणीदृतीनां चाकरणे । (२) तृणकटच्छन्नान्यपनयेत् । अग्निजीविन एकस्थान् वासयेत् । स्वगृहद्वारेषु गृहस्वामिनो वसेयुरसम्पातिनो रात्रौ । रथ्यासु कुटव्रजाः सहस्रं तिष्ठेयुः, चतुष्पथद्वारराजपरिग्रहेषु च । (३) प्रदीप्तमनभिधावतो गृहस्वामिनो द्वादशपणो दण्डः । षट्पणोऽवक्रयिणः । प्रमादाद्दीप्तेषु चतुष्पञ्चाशतपणो दण्डः । (४) प्रादीपिकोऽग्निना वध्यः । (५) पांसुन्न्यासे रथ्यायामष्टभागो दण्डः । पङ्कोदकसन्निरोधे पादः । राजमार्गे द्विगुणः ।


देनी चाहिए। जो भी इस आज्ञा का उल्लंघन करे उसे एक पण का आठवां हिस्सा दण्ड दिया जाय । अथवा ( यदि आवश्यक ही हो तो ) घास-फूस के मकानों के बाहर खुली जगह में आग जलाई जाय ।

( १ ) यदि कोई व्यक्ति निषिद्ध समय में पांच घड़ी तक आग जलावे तो उसे चौथाई पण दण्ड दिया जाय और उस व्यक्ति को भी यही दण्ड दिया जाय, जो गर्मी के मौसम में अपने घर के सामने पानी से भरे घड़े, पानी से भरी नांद, सीढ़ी, कुल्हाड़ा, सूप, छाज, कोंचा, फूस आदि को निकालने के लिए लम्बा लट्ठ, और चमड़े की मशक आदि वस्तुओं का इन्तजाम करके न रखें ।

( २ ) गर्मी की मौसम में फूस और चटाई के बने मकानों को एकदम उठा देना चाहिए। बढ़ई और लुहार आदि को किसी एक जगह में ही बसाया जाना चाहिए । घरों के स्वामियों को रात को अपने ही दरवाजों पर सोना चाहिए । गलियों तथा बाजारों में पानी से भरे हुए एक हजार घड़ों का हर समय प्रबन्ध रहना चाहिए । इसी प्रकार चौराहों, नगर के प्रधान द्वारों, खजानों कोष्ठागारों, गजशालाओं और अश्वशालाओं में भी पानी के भरे हजार-हजार घड़ों का हर समय इंतजाम रहना चाहिए ।

( ३ ) यदि गृहस्वामी घर में लगी हुई आग को बुझाने का प्रबंध न करे तो उस पर बारह पण दण्ड कर देना चाहिए । उस घर में रहने वाला किरायेदार भी यदि ऐसा ही करे तो उसे छह पण दण्ड दिया जाना चाहिए । यदि धोखे से अपने घर में ही आग लग जाय तो गृहस्वामी को चौवन पण दण्ड देना चाहिए ।

( ४ ) मकान में आग लगाने वाला व्यक्ति यदि पकड़ लिया जाय तो उसे प्राण दण्ड की सजा देनी चाहिए ।

( ५ ) सड़क पर मिट्टी या कूड़ा-करकट डालने वाले व्यक्ति को पण का आठवाँ हिस्सा ( १/८ पण ) दण्ड दिया जाना चाहिए । जो व्यक्ति गाड़ी, कीचड़ या पानी से सड़क को रोके उसे १/४ पण दण्ड दिया जाना चाहिए । जो व्यक्ति राजमार्ग को इस प्रकार गन्दा करे या रोके उसे दुगुना दण्ड दिया जाना चाहिए ।

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