कौटिलीय अर्थशास्त्रम् (सटीक - डॉ. वाचस्पति गैरोला)
Kautiliya Arthashastra with Hindi Commentary by Gairola
आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) / डॉ. वाचस्पति गैरोला द्वारा
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और अपने आपका भी स्वामी बन जायेगा। इतिहास में पहिली बार मनुष्य पूर्णतः स्वतन्त्र होगा।" (वही, पृ० ४८)
एंगेल्स के अतिरिक्त मार्क्स, लेनिन और स्टालिन का भी दृष्टिकोण यही रहा है; और आज भी यही स्थिति हमारे सामने विचारणीय है। १८५३ ई० में कोलोन में कम्युनिस्ट लीग के सदस्यों के सजा पाने के बाद मार्क्स राजनीति के आंदोलन से दूर हो गये। उसके बाद दस वर्ष तक उन्होंने ब्रिटिश म्युजियम में अर्थशास्त्र पर उपलब्ध विपुल सामग्री का अध्ययन किया। उनका यह अध्ययन १८५९ ई० में अर्थशास्त्र की समालोचना (भाग १) पुस्तक के रूप में फलित हुआ, जिसमें मूल्य और मुद्रा सम्बन्धी मार्क्सीय सिद्धान्तों की विस्तृत व्याख्या देखने को मिलती है। अर्थशास्त्र के क्षेत्र में संप्रति सर्वाधिक लोकप्रिय पुस्तक दास कापीटल, क्रिटीक डेर पोलीटीशन ईकोनोमी, एस्टॅर बांट का प्रथम खण्ड १८६७ ई० में हाम्बुर्ग से प्रकाशित हुआ। यह पुस्तक युगप्रवर्तक के रूप में सिद्ध हुई। इस पुस्तक में समाजवादी दृष्टिकोण से पूंजीवादी उत्पादन और उसके फलाफल की विस्तृत व्याख्या की गयी है।
विज्ञान के इतिहास में मार्क्स ने जिन महत्त्वपूर्ण बातों का पता लगाकर अपने यश को अमर बनाया उनमें से 'पहिली तो वह क्रांति है, जो संसार के इतिहास को देखने-परखने के दृष्टिकोण से उन्होंने की है। मार्क्स ने यह सिद्ध कर दिया है कि अब तक का सारा इतिहास वर्ग-संघर्षों का इतिहास रहा है; अब तक के सीधे और जटिल, सभी राजनीतिक संघर्षों की जड़ में सामाजिक वर्गों के राजनीतिक और सामाजिक शासन की समस्या ही रही है। समस्या यह रही है कि पुराने वर्ग अपनी मिल्कियत बनाये रखें या नये पनपते हुए वर्ग इस मिल्कियत पर हॉवी हो जाँय।"
इन बातों पर गम्भीरता से विचार किये जाने पर मार्क्स के अनुसंधान से "इतिहास को पहिली बार अपना वास्तविक आधार मिला। यह आधार एक बहुत ही स्पष्ट सत्य था, जिसकी ओर लोगों का ध्यान नहीं गया था। यानी यह कि मनुष्य को सबसे पहिले खाना, पीना, कपड़ा पहनना और घर में रहना होता है। इसलिए उसे काम भी करना होता है। इसके हल हो जाने पर ही प्रधानता पाने के लिए मनुष्य एक-दूसरे से झगड़ सकते हैं और राजनीति, धर्म, दर्शन आदि को अपना समय दे सकते हैं। अंततः इस स्पष्ट सत्य को अपना ऐतिहासिक आधार प्राप्त हुआ।"