भारतकोश
काव्यमीमांसा (महाकवि राजशेखर - कवि-रहस्य एवं देश-विभाग सटीक)

काव्यमीमांसा (महाकवि राजशेखर - कवि-रहस्य एवं देश-विभाग सटीक)

Kavyamimamsa of Rajasekhara with Hindi Commentary

महाकवि राजशेखर / पं. केदारनाथ शर्मा द्वारा

DevanagariSanskritpublished381 पृष्ठ

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२८० श्लोकः पृष्ठम् श्लोकः पृष्ठम् यवन ९४ वोक्काण ९४ रत्नवती ३९ शक ९४ रमठ ९४ शतद्रु ९४ रम्यकवर्ष ९२ शाल्मलद्वीपः ९० रावणगङ्गा ९४ शिप्रा ७९ लङ्का १०० शुक्तिमान् ९२ लाट ३४, ५१, १०९, ११० शूरसेन ८, ५० लिम्पाक ९४ शृङ्गवान् ९२ लोहितगिरि ९३ शोण ९३ लौहित्य ९३ श्रीपर्वत ९४ वक्र ८ श्वभ्रवती ९४ वञ्जुरा ९४ श्वेतगिरिः ९२ वत्सगुल्मम् ९० सरयू ४३ वरुण ९२ सरस्वती ९४ वर्णा ८४ सहुड ९४ वल्लार ९३ सह्य ८५, ९२, ९४, ९६ वह्लव ९४ सिन्धु ९४ वाणायुज ९४ सिंहल ९३ वानवासक ९३ सुराष्ट्र ९, ३४, ९४ वामनस्वामी ९४ सुह्म ८, ९३ वाराणसी ३३, ९३ सूपारक ९३ वार्तघ्नी ९४ सौम्य ९२ वाल्हीक ९४ हंसमार्ग ९४ वाहीक ८, ११० हरहूरव ९४ वितस्ता ९४ हरिवर्ष ९२ विदर्भ १०, ९३ हस्तिनापुर ८ विदेह ९३ हिडिंबा ९४ विनशन ९४ हिमवान् ५९, ८१, ९२, ९४, ९६ विन्ध्य ६८, ९२, ९३, ९४ हिमालयः ४७, ९४, ९६ विपाशा ९४ हिरण्मयवर्ष ९२ विशाला ५५ हूण ९४, १०९ वेणा ९४ हूहुक ९४ वैदिश ९ हेमकूट ९२

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