भारतकोश
काव्यप्रकाश (आचार्य मम्मट - सम्पूर्ण १० उल्लास सटीक)

काव्यप्रकाश (आचार्य मम्मट - सम्पूर्ण १० उल्लास सटीक)

Kavyaprakasha of Mammata with Hindi Commentary

आचार्य मम्मट / पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि द्वारा

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APPENDIX B XI P. 209; सु० र० भा० 252/50. ५११ अयमेकपदे तया वियोगः का० वि० उ० IV. 10; अ० ध्व० आ० P. 156; कु० व० जी० II. 109; श्री० का० प० 101; गो० का० प्र० P. 365. ५८६ अयं पद्मासनासीनः भा० का० II. 25; वा० का० अ० सू० वृ० IV. 2. 11; भो० स० क० आ० I. 61; श्री० का० प० 329; गो० का० प्र० P. 397. ४१८ अयं मार्तण्डः किं स खलु रु० अ० स० P. 30; गो० का० प्र० P. 325. ४९० अयं वारामेको निलय भ० श० 108; रु० अ० स० P. 72; गो० का० प्र० P. 356; सु० र० भा० 216/33. ११६ अयं स रशनोत्कर्षी म० भा०, स्त्री०, Ch. 24. Sl. 19; गो० का० प्र० PP. 135, 271. ३३६ अयं स रशनोत्कर्षी ” ” ” ” ३७३ अयं सर्वाणि शास्त्राणि गो० का० प्र० P. 296. ४०८ अरातिविक्रमालोक गो० का० प्र० P. 317. ३८९ अरिवधदेहशरीरः उ० का० अ० सा० सं० I; गो० का० प्र० P. 306. ४९६ अरुर्चिनिशया विना गो० का० प्र० P. 358; सु० र० भा० 175/931. २८३ अरे रामाहस्ताभरण का० वि० उ० ?; श्री० का० प० 143; गो० का० प्र० P. 248. २७७ अर्थित्वे प्रकटीकृतेऽपि म० वी० च० II. 9; श्री० का० प० 138; गो० का० प्र० P. 244. ३६९ अलङ्कारः शङ्काकर सु० र० को० No. 1344; गो० का० प्र० P. 295; सु० र० भा० 93/94; धर्मकीर्तिः; कवस; बिका 58.