भारतकोश
कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary

महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा

DevanagariSanskritpublished268 पृष्ठ

पृष्ठ 229, कुल 268 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 229

( २१२ ) Pārvatī means to say that Shiva's form is a puzzle for the people, which they can never solve. Therefore to say that his form is such and such is not right. This is a reply to verses 66, 67 and 71. 78. CHANGE OF VOICE :—विश्वमूर्ते वपुः ( जना ) न अव- धारयन्ति, ( तेन ) विभूषणोद्भासिना वा पिनद्धभोगिना, गजाजि- नालम्बिना वा दुकूलधारिणा, कपालिना वा अथवा इन्दुलेखेणा भूयते ॥ ७८ ॥ HINDI TRANSLATION :—जगत्स्वरूप ( शिव ) का शरीर निश्चय तोर पर ज्ञात नहीं है; वह आभूषणों से चमकता हुआ है अथवा सापों से लपेटा हुआ, हाथी के चर्म से ढका हुआ है अथवा रेशमी वस्त्र से, सिर में कपाल धारण किये हुए है या चन्द्रमा ( की कला ) ॥ ७८ ॥ ENGLISH TRANSLATION —The body of him whose form is the Universe can not be determined, it may be resplendent with ornaments or wrapped with serpents, it may be covered with elephant-hide or silken gar- ments, or it may have a skull or the moon on its crest 78 PURPORT IN SANSKRIT :—जगत्स्वरूपस्य शिवस्य रूपं प्रकारतः परिमाणतश्च।विज्ञेयमेव । न तद्विषये किञ्चिदपि परमार्थत. कथयितुं शक्यते यतः शिवो देहशोभार्थमाभूषणानि धारयन् सर्पानपि धत्ते ; क्षौमवस्त्रावृतो हस्तिचर्मापि धारयति तथा च मृतमुण्डयुक्तश्चन्द्रकलाभूषितोऽप्यस्ति । एव विरोधात्मकस्य तदी- यस्वरूपस्य याथार्थ्यं ज्ञातु न कोऽपि पारयति ॥ ७८ ॥