भारतकोश
कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)

Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary

महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा

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( २४२ ) VI. (a) यदूढया—यत् + ऊढया = वह + क्त + आ ( टाप् )— ऊढा तया ऊढया निषेदुषी—नि + सद् + क्वसु + ङीप् । (b) प्रचक्रमे—यह प्र पूर्वक क्रम धातु के लिट् के अन्य पुरुष का एक वचन है। प्र + क्रम् + लिट् अन्य पुरुष एकवचन । QUESTIONS 1939. I. Explain the following in Sanskrit in tika form .— (a) किमित्यपास्याभरणानि यौवने धृतंत्वया वार्धकशोभिबल्कलम् । वद प्रदोषे स्फुटचन्द्रतारका विभावरी यद्यरुणाय कल्पते ॥ or (b) अथाजिनाषाढधरः प्रगल्भवाग् ज्वलन्निव ब्रह्ममयेन तेजसा विवेश कश्चिज्जटिलस्तपोवनम् शरीरबद्धः प्रथमाश्रमो यथा II. Translate the following into English or Hindi (a) कियच्चिरं श्राम्यसि गौरि विद्यते ममापि पूर्वाश्रमसञ्चितं तपः