कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)
Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary
महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १२ ) from अस्मद् । वपुः—body. Decline as—वपुः, वपुषी, वपूंषि । वपुः, वपुषी, वपूंषि । वपुषा etc. पेलवम्—मृदु tender. शिरीषपुष्पम् — the flower of शिरीष ( सिरस—हिन्दी ) is well-known for its softness and is often used as standard of comparison ( उपमान ) to indicate that quality. पदं—पदन्यासं placing of feet ; sitting. सहेत— may bear. Potential ( विधिलिङ् ) of √ सह् ‘to bear,’ which is an आत्मनेपदी root. पतत्रिणः—( पतत्र+इनिः ) पतन्तं त्रायन्ते इति पतत्राणि । पतत्राणि means wings, because they keep birds from falling : then, पतत्राणि सन्ति येषां ते पतत्रिणः पक्षिणः those possessed of wings, i. e., birds. The suffix इनि is added by ‘अत इनिठनौ’ पा० ५. २. १ १५ । The verse provides a good example of दृष्टान्त अलङ्कार which is defined as ‘दृष्टान्तस्तु स्वधर्मस्य वस्तुनः प्रतिबिम्बनम्’ साहित्यदर्पण । CHANGE OF VOICE :—वत्से ! मनोपिताभिः देवताभिः गृहेषु भूयते; तपसा क्व, तादृकेन वपुषा च क्व ( भूयते ) ? पेलवेन शिरीष- पुष्पेण भ्रमरस्य पदं सह्येत पतत्रिणः पुनः न ॥ ४ ॥ HINDI TRANSLATION :—पुत्रि, मन से चाहे जाने योग्य देवता ( हमारे ) घर में हैं ; कहाँ तो यह ( कठोर ) तप और कहाँ तुम्हारा ( कोमल ) शरीर ! सिरस का कोमल फूल भौरें के पैर ( रखने ) को तो सह सकता है परन्तु पक्षी के नहीं ॥ ४ ॥ ENGLISH TRANSLATION :—In the house are such deities as your mind would long for. Child, how widely different are penance and thy body ? The delicate