कुमारसम्भवम् (महाकवि कालिदास - संस्कृत मूल एवं हिन्दी अनुवाद)
Kumarasambhavam of Kalidasa with Hindi Commentary
महाकवि कालिदास / पं. सीताराम चतुर्वेदी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १५ ) general truth. In the verse first two lines contain a particular statement and the latter two a general one. It is very often used by Kalidasa. Some books read स्थिरेच्छां for ध्रुवेच्छाम् । CHANGE OF VOICE —इति अनुशासत्या मेनया ध्रुवेच्छा सुता उद्यमात् नियन्तु न शेके । ईप्सितार्थस्थिरनिश्चयं मनो निम्नाभिमुखं पयश्च केन प्रतीप्येयाताम् ? ॥ ५ ॥ HINDI TRANSLATION :—इस प्रकार उपदेश देने वाली मेना स्थिर इच्छा वाली (अपनी) पुत्री को (उसके) निश्चय से न हटा सकी । चाही हुई वस्तु के लिये दृढ निश्चय वाले मन को और नीचे की ओर जाते हुये जल को कौन पलट सकता है ? ॥ ५ ॥ ENGLISH TRANSLATION —Mena, thus exhorting, could not ward off her daughter, who was firm in her desire, from her resolve who can turn back a mind of fixed determination for (the achievement of) a desired object, or water flowing towards a low ground ? PURPORT IN SANSKRIT —मेना पार्वतीं निवारयितुमत्यन्त- मयतत विविधप्रकारेण च तामुपदिदेश परन्तु स्वोद्देश्ये सफलतां नाप्रात् यतो गौरी तपोऽनुष्ठाने शिवानुनये च कृतनिश्चयासीत् । तथा हि—प्राप्तव्ये वस्तुनि गूढमभिनिविष्टं मनो नीचैर्गच्छज्जल वा विरुद्धं कर्त्तुं प्रवाहितु वा न शक्यते ॥ ५ ॥ कदाचिदासन्नसखीमुखेन सा मनोरथज्ञं पितरं मनस्विनी । अयाचतारण्यनिवासमात्मनः फलोदयान्ताय तपःसमाधये ॥ ६ ॥