लघुसिद्धान्तकौमुदी (वरदराजाचार्य - भैमी एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या सहित)
Laghu Siddhanta Kaumudi of Varadaraja with Hindi Commentary
आचार्य वरदराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंपरिशिष्टानि ५६६ १००. इत् (५५२) १३५. ऌ (५४८) १७०. कस्मात् (५६१) १०१. इत्थम् (५७०) १३६. ऋते (५१७) १७१. कामम् (५३२) १०२. इदानीम् (५६६) १३७. ऋधक् (५१७) १७२. कार्षापणशः ५७४ १०३. इद्धा (५२१) १३८. ऋषिवत् (५७६) १७३. किञ्च (५६०) १०४. इवं (५५७) १३९. ए (५४८) १७४. किन्तमाम् ५७५) १०५ इह (५६८) १४०. एकत्र (५६८) १७५. किन्तराम् ५७५) १०६. ई (५४८) १४१. एकदा (५६६) १७६. किमङ्ग (५४६) १०७. ईषत् (५१६) १४२. एकधा (५७३) १७७. किमपि (५५३) १०८. उ (५४८) १४३. एकपदे (५५०) १७८. किमिति (५५३) १०९. उच्चैः (५१७) १४४. एकशः (५७४) १७९. किमिव (५५३) ११०. उत (५५२) १४५. एतर्हि (५६६) १८०. किमु (५५३) १११. उताहो (५५४) १४६ एव (५३३) १८१. किमुत (५५३) ११२. उत्तरतः (५७१) १४७. एवम् (५३३) १८२. किम् (५५३) ११३. उत्तरत्र (५६८) १४८ एधे (५७३) १८३. किम्पुनः (५१६) ११४. उत्तरात् (५७२) १४९ ऐ (५४८) १८४ किल (५४४) ११५. उत्तराहि (५७२) १५० ऐकव्यम् (५७३) १८५. कु (५३४) ११६. उत्तरेण (५७२) १५१. ऐषमः (५७०) १८६. कुतः (५६७) ११७. उत्तरेद्युः (५७०) १५२. ओ (५४८) १८७. कुत्र (५६८) ११८. उदकसात् ५७४) १५३. ओम् (५३३) १८८. कुवित् (५३६) ११९. उदकी (५७४) १५४. औ (५४८) १८९ कुह (५६८) १२०. उदेतोः (५७६) १५५. कच्चित् (५४०) १९०. कूपत् (५३६) १२१. उन्मनी (५७४) १५६. कथञ्चन (५७१) १९१. कृतम् (५३३) १२२ उप (५६५) १५७ कथञ्चित् ५७१) १९२. कृत्वा (५७६) १२३. उपजोषम् ५६२) १५८. कथमपि (५७०) १९३. क्व (५६८) १२४. उपधा (५२३) १५९. कथम् (५७०) १९४. क्वचित् (५६६) १२५. उपरि (५७१) १६०. कथंकथमपि ५७१ १९५. क्वापि (५६६) १२६. उपरिष्टात् ५७२ १६१. कया (५७१) १९६. क्षत्रियवत् ५२२) १२७. उपर्युपरि (५७२) १६२ कदा (५६६) १९७. क्ष्मा (५२७) १२८. उपांशु (५२७) १६३. कदाचन (५६६) १९८. खलु (५४३) १२९. उभयतः (५६७) १६४. कदाचित् (५६६) १९९. गत्वा (५७६) १३०. उभयत्र (५६८) १६५. कदापि (५६६) २००. गुरुवत् (५७६) १३१. उभयथा (५७०) १६६. कम् (५२४) २०१. च (५३६) १३२. उभयद्युः (५७०) १६७. कर्तवे (५७८) २०२. चतुर्धा (५७३) १३३. उभयेद्युः (५७०) १६८. कर्हि (५६६) २०३. चतुः (५७५) १३४. उपा (५३३) १६९. कर्हिचित् ५६६) २०४. च(ण्) (५३६)