भारतकोश
महाभारत (खंड १) - आदि व सभा पर्व

महाभारत (खंड १) - आदि व सभा पर्व

Mahabharata (Vol 1) - Adi and Sabha Parva

महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा

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१०६- महर्षि माण्डव्यका शूलीपर चढ़ाया जाना १०७- माण्डव्यका धर्मराजको शाप देना १०८- धृतराष्ट्र आदिके जन्म तथा भीष्मजीके धर्मपूर्ण शासनसे कुरुदेशकी सर्वांगीण उन्नतिका दिग्दर्शन १०९- राजा धृतराष्ट्रका विवाह ११०- कुन्तीको दुर्वासासे मन्त्रकी प्राप्ति, सूर्यदेवका आवाहन तथा उनके संयोगसे कर्णका जन्म एवं कर्णके द्वारा इन्द्रको कवच और कुण्डलोंका दान १११- कुन्तीद्वारा स्वयंवरमें पाण्डुका वरण और उनके साथ विवाह ११२- माद्रीके साथ पाण्डुका विवाह तथा राजा पाण्डुकी दिग्विजय ११३- राजा पाण्डुका पत्नियोंसहित वनमें निवास तथा विदुरका विवाह ११४- धृतराष्ट्रके गान्धारीसे एक सौ पुत्र तथा एक कन्याकी तथा सेवा करनेवाली वैश्यजातीय युवतीसे युयुत्सु नामक एक पुत्रकी उत्पत्ति ११५- दुःशलाके जन्मकी कथा ११६- धृतराष्ट्रके सौ पुत्रोंकी नामावली ११७- राजा पाण्डुके द्वारा मृगरूपधारी मुनिका वध तथा उनसे शापकी प्राप्ति ११८- पाण्डुका अनुताप, संन्यास लेनेका निश्चय तथा पत्नियोंके अनुरोधसे वानप्रस्थ-आश्रममें प्रवेश ११९- पाण्डुका कुन्तीको पुत्र-प्राप्तिके लिये प्रयत्न करनेका आदेश १२०- कुन्तीका पाण्डुको व्युषिताश्वके मृत शरीरसे उसकी पतिव्रता पत्नी भद्राके द्वारा पुत्र-प्राप्तिका कथन १२१- पाण्डुका कुन्तीको समझाना और कुन्तीका पतिकी आज्ञासे पुत्रोत्पत्तिके लिये धर्मदेवताका आवाहन करनेके लिये उद्यत होना १२२- युधिष्ठिर, भीम और अर्जुनकी उत्पत्ति १२३- नकुल और सहदेवकी उत्पत्ति तथा पाण्डु-पुत्रोंके नामकरण-संस्कार १२४- राजा पाण्डुकी मृत्यु और माद्रीका उनके साथ चितारोहण १२५- ऋषियोंका कुन्ती और पाण्डवोंको लेकर हस्तिनापुर जाना और उन्हें भीष्म आदिके हाथों सौंपना १२६- पाण्डु और माद्रीकी अस्थियोंका दाह-संस्कार तथा भाई बन्धुओंद्वारा उनके लिये जलांजलिदान १२७- पाण्डवों तथा धृतराष्ट्रपुत्रोंकी बालक्रीड़ा, दुर्योधनका भीमसेनको विष खिलाना तथा गंगामें ढकेलना और भीमका नागलोकमें पहुँचकर आठ कुण्डोंके दिव्य रसका पान करना