महाभारत (खंड २) - वन पर्व
Mahabharata (Vol 2) - Vana Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
पृष्ठ 26, कुल 2580 में से
संदर्भ में पढ़ेंचित्र-सूची
सादा
१- श्रीकृष्णके द्वारा द्रौपदीको आश्वासन २- द्रौपदी और भीमसेनका युधिष्ठिरसे संवाद ३- अर्जुनकी तपस्या ४- अर्जुनका किरातवेषधारी भगवान् शिवपर बाण चलाना ५- नलकी पहचानके लिये दमयन्तीकी लोक-पालोंसे प्रार्थना ६- सती दमयन्तीके तेजसे पापी व्याधका विनाश ७- भगवान् शंकरका मंकणक मुनिको नृत्य करनेसे रोकना ८- देवताओंद्वारा वृत्रासुरके वधके लिये दधीचिसे उनकी अस्थियोंकी याचना ९- देवराज इन्द्रका वज्रके प्रहारसे वृत्रासुरका वध करना १०- महर्षि कपिलकी क्रोधाग्निसे सगरपुत्रोंका भस्म होना ११- महर्षि अगस्त्यका समुद्रपान १२- भगवान् परशुरामद्वारा सहस्रार्जुनका वध १३- प्रभासक्षेत्रमें पाण्डवोंकी यादवोंसे भेंट १४- राजा शिबिका कबूतरकी रक्षाके लिये बाजको अपने शरीरका मांस काटकर देना १५- द्रौपदीका भीमसेनको सौगन्धिक पुष्प भेंट करके वैसे ही और पुष्प लानेका आग्रह १६- स्वर्गसे लौटकर अर्जुन धर्मराजको प्रणाम कर रहे हैं १७- वनमें पाण्डवोंसे श्रीकृष्ण-सत्यभामाका मिलना १८- तपस्वीके वेशमें मण्डूकराजका राजाको आश्वासन १९- ययातिसे ब्राह्मणकी याचना २०- भगवान् विष्णुके द्वारा मधुकैटभका जाँघोंपर वध २१- कौशिक ब्राह्मण और माता-पिताके भक्त धर्मव्याध २२- कार्तिकेयके द्वारा महिषासुरका वध २३- द्रौपदी-सत्यभामा-संवाद २४- अर्जुन-चित्रसेन-युद्ध २५- सीताजीका रावणको फटकारना २६- हनुमान्जीकी श्रीसीताजीसे भेंट २७- यम-सावित्री २८- कर्णको इन्द्रका शक्ति-दान