Mahabharata (Vol 2) - Vana Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
२९- युधिष्ठिर और बगुलारूपधारी यक्ष ३०- विराटके यहाँ पाण्डव ३१- विराटकी राजसभामें कीचकद्वारा सैरन्ध्रीका अपमान ३२- अर्जुनका शंखनाद