महाभारत (खंड ६) - अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गारोहण व हरिवंश पर्व

महाभारत (खंड ६) - अनुशासन, आश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक, स्वर्गारोहण व हरिवंश पर्व
Mahabharata (Vol 6) - Anushasana to Harivamsa Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
DevanagariSanskritpublished2,566 पृष्ठ
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इमं श्राद्धविधिं श्रुत्वा शशबिन्दुस्तथाकरोत् । अक्लेशेनाजयच्चापि महीं सोऽनुशशास ह ॥ १५ ॥
इस श्राद्धविधिको श्रवण करके राजा शशबिन्दुने वही किया। उन्होंने बिना किसी क्लेशके ही पृथ्वीको जीता और उसका शासनसूत्र अपने हाथमें ले लिया ॥ १५ ॥
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि श्राद्धकल्पे एकोननवतितमोऽध्यायः ॥ ८९ ॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें श्राद्धकल्पविषयक नवासीवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥ ८९ ॥