भारतकोश
मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

Malatimadhavam of Mahakavi Bhavabhuti with Commentary

महाकवि भवभूति द्वारा

DevanagariHindipublished377 पृष्ठ

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-like shape below, typical of 'दु' in older fonts, which can resemble 'खु', but it is clearly 'दु'). Wait, look at 'खलाः' at the end of the line: the 'ख' has a completely different shape (round loop connected to vertical line with loop inside). The letter in 'विदुरन्ये' is clearly 'दु'! So it is "विदुरन्ये".

Let's check line 10: "अथ तत्रभवान्भवभूतिः कीर्त्यादिसत्काव्यनिर्माणप्रयोजनप्राप्तये प्रेक्ष्यप्रबन्धभे-" Yes, "प्रेक्ष्यप्रबन्धभे-"

Line 11: "-दानां प्रधानं प्रकरणं साङ्गं मालतीमाधवं नाम रूपकमततान । तत्र प्रकरणलक्षणं"

Line 12: "भरते—'तत्र कविराजबुद्ध्या वस्तुशरीरं च नायकं चैव । स्वयमुत्पाद्य विरचयेत्स ज्ञेयं"

Line 13: "प्रकरणं नाम ॥' इति । दशरूपकेऽपि—'अथ प्रकरणे वृत्तमुत्पाद्यं लोकसंश्रयम् ।"

Line 14: "अमात्यविप्रवणिजामेकं कुर्यात्तु नायकम् ॥ धीरप्रशान्तं सोपायं धर्मकामार्थतत्प-"

Line 15: "रम् । शेषं नाटकवत्संधिप्रवेशकरसादिकम् ॥' इति

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