भारतकोश
मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

Malatimadhavam of Mahakavi Bhavabhuti with Commentary

महाकवि भवभूति द्वारा

DevanagariHindipublished377 पृष्ठ

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or विष्कम्भकत्वेनाप्युपपत्तेश्चेति? Let's check line 32 carefully: अस्य विष्कम्भवदेकेनाप्युपपत्तेश्चेति? Wait! Look at: अस्य विष्कम्भ then what? वदेकेनाप्युपपत्तेश्चेति? Let's look at the letters after विष्कम्भ: दे के ना प्यु त्ते श्चे ति! विष्कम्भवदेकेनाप्युपपत्तेश्चेति! Wait: वि ष्क म्भ व दे के ना प्यु प प त्ते श्चे ति Yes! विष्कम्भवदेकेनाप्युपपत्तेश्चेति "अस्य विष्कम्भवद् एकेनाप्युपपत्तेश्चेति" Because a Vishkambhaka can be performed by a single character (ekapatraprayoga)! "न चैकपात्रप्रयोगानुपपत्तिः तल्लक्षणेऽनेकपात्रत्वनियमाप्रतीतेः। अस्य विष्कम्भवदेकेनाप्युपपत्तेश्चेति।" Brilliant! That is exactly what is printed: विष्कम्भवदेकेनाप्युपपत्तेश्चेति!

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