मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)
Malatimadhavam of Mahakavi Bhavabhuti with Commentary
महाकवि भवभूति द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें"? There is visarga: "पुनःक्लेशकारितया".
L32: "त्वम् । प्रतिकूलस्यैव विधेरधुनानुकूलत्वमित्याश्चर्यम् । पहीत्यादि । मालतीरक्ष-" Wait, "पहीत्यादि" or "एहीत्यादि"? Look at the first letter: Is it 'प' or 'ए'? "एहीत्यादि" (Ehy-ādi, from "एहि" = come!). Look at L34: "एह्यागच्छ ।" (Ehi = come!). So the pratīka is definitely "एहीत्यादि"! Look at the letter: It is clearly 'ए' (e), not 'प'! It has the triangle/shape of Devanagari 'ए'!
L33: "णेन बहुजनरक्षणजन्यपुण्यनिवृद्धारिके हे विरेण त्वं दृष्टासि । अतो हेतोस्त्वमे-" Wait: "बहुजनरक्षणजन्यपुण्यनिवृद्धारिके" or "पुण्यनिवृद्धिके"? Let's read carefully: पु - ण्य - नि - वृ - द्धा - रि - के ? Or "पुण्योपबृंहिते"? Wait, look at: पु (pu) ण्य (ṇya) नि (ni) ब (ba) or वृ (vṛ)? Look at: नि - ब - द्ध - भा - रि -