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मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

Malatimadhavam of Mahakavi Bhavabhuti with Commentary

महाकवि भवभूति द्वारा

DevanagariHindipublished377 पृष्ठ

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अनुक्रमणी । अकरिष्यदसौ ९।५२ | आविर्भवन्ती ३।४ | कुवलयदल ५।५ अकरुण वितर ९।२३ | आश्चर्यमुत्पल ३।५ | केकाभिर्नीलकण्ठ ९।३० अकारणस्नेह १०।६ | इदमिह २।६ | क्षिप्तनिद्रा २।१२ अतिमुक्तक ५।८ | इयमवयवैः ६।६ | गमनमलसं १।२० अत्रान्तरे १।२९ | ईषत्तिर्यग्वलन ४।२ | गाढोत्कण्ठ ६।१९ अद्यैवेन्दुमयूख ८।१० | उज्ज्वलालोकया १०।४ | गात्रेषु चन्दन ९।२२ अयोजितं ७।४ | उत्कृत्योत्कृत्य ५।१६ | गुञ्जत्कुञ्ज ५।१९ अनियतरुदित १०।२ | उत्फुल्लार्जुनसर्ज ९।१७ | गुणापेक्षा २।७ अनुभवं वदने ३।१० | उद्दामदेह ६।१३ | गुणैः सतां न १।९ अनुरागप्रवा ९।१६ | उद्धृत्तस्खलित ५।३ | गुरुचर्या ९।५३ अङ्गैः कल्पित ५।१८ | उन्नालबाल ९।१३ | धर्माम्भो १।४० अन्येषु जन्तुषु १।२३ | उन्मीलनमुकुल १।४१ | चिरादाशातन्तु ४।३ अन्योन्यसंभिन्न १।३६ | एकीकृतस्त्वचि १।१२ | चूडापीडकपाल १।९ अपत्यसंबन्ध १।१३ | एतत्पूतनचक्र ५।१४ | जगति जयिनस्ते १।३९ अपहस्तित ९।१९ | एतस्मिन्मदकल ९।१४ | जन्मान्तरादिव १०।१२ अपि चिन्ताम १०।२२ | एते केतकसून ९।४३ | जयदेव भुवन ९।४ अमिनवराग १०।३ | एषा प्रवासं १०।१३ | जलनिबिडित ४।१० अभिहन्ति हन्त १।४२ | एह्येहि भूरि १०।२० | जितमिह ३।१५ अयमभिनव ९।५ | कच्चित्सौम्य ९।२५ | जीव जीवित १०।१८ अलसवलित १।३१ | कठोरास्थिग्रन्थि ५।३४ | जीवयन्निव ८।३ अविगणय्य नृपं १०।१६ | कण्डूकूङ्दमलिते ९।३२ | जृम्भाजर्जर ९।१६ अविरलमिव ३।१६ | कथमपि तदा ९।५० | ज्वलतु गगने २।२ अशस्त्रपूत ५।१२ | कथयति लयि ८।११ | ज्वलयति मनो ३।६ असारं संसारं ५।३० | कपालकुण्डला १०।१९ | तं भद्रे ५।२५ असौ विद्या २।११ | करालायतना ५।२१ | तत उदय २।१० अस्तोकविस्सय ९।५५ | कर्णाभ्यर्ण ५।१३ | तथा विनय ३।१ अस्साकमेक ६।४ | कल्याणानां १।५ | तदेतदसितो ९।३८ आ जन्मनः प्रति १०।१ | काश्मर्याः कृत ९।७ | तन्मे मनः ४।८ आ जन्मनः सह ९।४० | किंवा भणामि ६।११ | तरुणतमाल ९।१८ आनन्दनानि ९।४८ | किमपि किमपि ८।१३ | तां याचते नर १।१४ आपूर्णश्च कला ९।२९ | किमयमसि १०।१० | तामिन्दुसुन्दर १।२१ आमूलकण्टकित ६।३९ | कुमुदाकरेण ९।४९ | ते श्रोत्रियास्त १।७