भारतकोश
मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

मालतीमाधवम् (महाकवि भवभूति - शास्त्रीय शृंगार एवं तान्त्रिक प्रकरण नाटक सम्पूर्ण १० अङ्क)

Malatimadhavam of Mahakavi Bhavabhuti with Commentary

महाकवि भवभूति द्वारा

DevanagariHindipublished377 पृष्ठ

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सो विलसनं" -> "विलास इव विलासो विलसनं"

Line 24: "कान्तिप्रकर्षस्तेन लुलितैराविलैः । भग्नैरिति यावत् । अलसैः क्रियास्वनुन्मु-" Wait, let's re-verify: "लुलितैराविलैः" - wait, in the text: Is it "लुलितैराविलैः" or "लुलितैरविलैः"? Look at the vowel: There is an आ-कार on त? "तैर" then "ा"? No, "लुलितैरावि्लैः" - look between र and व: There is an आ-कार: 'रा'! So "लुलितैरावि..." then 'लैः': "लुलितैराविलैः". Wait, what is after that? "भग्नैरिति यावत् ।" Wait, let's look at "भग्नैरिति": भ (bha) ग्न (gna) with ै (ai) then what is that stroke? Is it "भग्नप्रायैरिति"? No, it's "भग्नैरिति" - there's just a duplicate matra or broken type. Let's transcribe भग्नैरिति यावत् ।.

Line 25: "खैरङ्गैर्मनोभवाग्निं ज्वलयति दीपयति । हृदयं मदयति हर्षपरवश