मानमेयोदय (नारायण भट्ट - भाट्ट मीमांसा प्रमाण एवं प्रमेय शास्त्र सटीक)
Manameyodaya of Narayana Bhatta with Commentary
नारायण भट्ट एवं नारायण पण्डित द्वारा
विषयानुक्रमणिका. ———
[स्तम्भः १] पुटसंख्या (१) पीठिका. १ मङ्गलम् .... १ २ प्रबन्धृविषयः .... १ ३ प्रबन्धाविषयः .... २ ४ प्रबन्धक्रमः .... ३ (२) शास्त्रारम्भः १ प्रवृत्त्यङ्गचतुष्टयम् .... ४ २ निवृत्त्यङ्गचतुष्टयम् .... ४ ३ तत्रानुपपत्तिः .... ४ ४ समाधानम् .... ५ ५ उपबृंहणम् ... ६ ६ नित्यपदार्थः .... ७ (३) मङ्गलविचारः १ अङ्गम् .... ७ २ प्रधानम् .... ८ ३ नैमित्तिकम् .... ८ ४ नित्यम् .... ८ ५ प्राचीनमतम् .... ८ ६ नवीनमतम् .... ८ ७ अनिबन्धनम् .... ८ ८ निबन्धनम् .... ९
[स्तम्भः २] पुट... ९ महाकाव्याङ्गम् ... १० तस्य प्रभेदाः .... (४) सिद्धान्तविचारः. १ सिद्धान्तपदार्थः .... २ सिद्धान्तस्थापनम् .... ३ अभावसिद्धान्तः .... ४ संख्यैकान्तः .... ५ तत्त्वसंख्या .... ६ पदार्थशास्त्रम् .... ७ मतभेदाः .... ८ नैरात्म्यसिद्धान्तः .... ९ सर्वात्म्यसिद्धान्तः .... १० सर्वसमासः .... ११ स्वस्वोत्कर्षः .... (५) चार्वाकदर्शनम्. १ प्रवृत्तिः .... २ प्रमेयः .... ३ उद्देशः .... ४ सुखम् .... ५ सम्प्रदायः .... ६ वैराग्यम् .... ७ रसेश्वरसिद्धान्तः ...
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विषयानुक्रमणिका [वामभागः / Left Column] पुटसंख्या (6) सौगतदर्शनम्. 1 नैरात्म्यम् .... 19 2 भावना .... 20 3 वासना .... 20 4 माध्यमिकः .... 20 5 बौद्धप्रभेदाः .... 21 6 आर्यसत्यम् .... 21 7 प्रतीत्यसमुत्पादः .... 22 8 बाह्यः पदार्थः .... 23 9 आभ्यन्तरः .... 23 10 जीवोत्पत्तिः .... 25 11 स्वप्रकाशवादः .... 27 12 शून्यवादः .... 27 13 विज्ञानवादः .... 30 14 बाह्यवादः .... 31 15 क्षणिकवादः .... 33 16 उपप्लववादः .... 35 (7) न्यायदर्शनम्. 1 न्यायवैशेषिकभेदः .... 36 2 आन्वीक्षकी .... 36 3 सप्तपदार्थाः .... 36 4 प्रमाणादिः .... 38 (8) वैशेषिकदर्शनम्. 1 विशेषांशः .... 39 2 वैशेषिकशब्दार्थः .... 41 3 शास्त्रसारः .... 41 4 लाघवयुक्तिः .... 42 5 नवीनसिद्धान्तः .... 43 [दक्षिणभागः / Right Column] पुटसंख्या (9) सांख्यदर्शनम्. 1 पदार्थविभागः .... 43 2 षष्टितन्त्रम् .... 44 3 सांख्यशास्त्रम् .... 45 4 तत्त्वपङ्क्तिः .... 45 5 सत्कार्यवादः .... 45 6 अभेदैकान्तः .... 46 7 न सामान्यादिः .... 46 8 शरीरम् .... 46 9 प्रत्ययादिसर्गः .... 47 10 बुद्ध्यादयः .... 47 11 उपरागः .... 47 12 करणवृत्तिः .... 48 13 गुणाः . . 48 14 विवेकः .... 49 15 उपासनम् .... 49 (10) पातञ्जलदर्शनम्. 1 योगशास्त्रम् ... 50 2 ईश्वरः .... 50 3 प्रणिधानम् ... 51 4 ज्ञानयोगः .... 52 5 अधिकारः ... 53 6 कार्यविमुक्तिः .... 53 7 चित्तभूमिः .... 53 8 परिणामः .... 54 9 प्रमाणम् .... 54 10 निरोधोपायः .... 55 11 समापत्तिः .... 55 12 तौष्टिकाः .... 56
विषयानुक्रमणिका vi पुटसंख्या | पुटसंख्या 13 उपेक्षणीयः .... 57 | (15) विशिष्टाद्वैतम्. 14 द्विविधा चिच्छक्तिः .... 57 | 1 तत्त्वम् ... 71 15 द्विविधाऽचिच्छक्तिः .... 58 | 2 शरीरम् .... 72 16 प्रवृत्तिसाफल्यम् .. 58 | 3 वैशिष्ट्यम् .... 72 17 विज्ञानादिवादनिरासः 59 | 18 सेश्वरसांख्यम् .... 60 | (16) द्वैतदर्शनम्. 19 जन्मादिसिद्धयः .... 60 | 1 तत्त्वम् .... 73 20 तत्त्वोत्पत्तिः .... 60 | 2 भेदाभेदः .... 74 21 सर्वमुक्तिः .... 61 | 3 विशेषांशः .... 74 22 मुक्तिः .... 62 | 4 विष्णुः ... 74 (11) प्रभाकरदर्शनम्. | (17) आर्हतदर्शनम्. 1 प्रमेयोद्देशः .... 62 | 1 प्रमेयोद्देशः .... 75 2 विशेषांशः .... 63 | 2 जीवाजीवौ .... 76 | 3 द्रव्यपर्यायौ .... 76 (12) कुमारिलदर्शनम्. | 4 सामान्यादिः .... 77 1 प्रमेयोद्देशः .... 63 | 5 मोक्षमार्गः .... 78 2 विशेषांशः .... 64 | 6 सप्तभङ्गी .... 78 3 भेदाभेदः .... 64 | 7 पदार्थसंख्या .... 79 (13) द्वैताद्वैतदर्शनम्. | (18) शक्तिवादः. 1 ब्रह्मपरिणामः .... 65 | 1 मीमांसकमतम् .... 80 2 तत्प्रभेदाः .... 66 | 2 आधेयादिशक्तयः .... 81 3 परिणामवादः .... 66 | 3 वैशेषिकमतम् .... 81 | 4 शक्तिनिरासफलम् .... 81 (14) विशुद्धाद्वैतदर्शनम्. | 5 औपनिषदमतम् .... 81 1 प्रमेयनिश्चयः .... 68 | 2 प्रक्रियान्तरम् .... 68 | (19) शब्दशक्तिवादः. 3 विवर्तः .... 69 | 1 वैयाकरणमतम् .... 82 4 अविद्या .... 70 | 2 शाक्यमतम् .... 82 5 भट्टनयः .... 70 |
viii विषयानुक्रमणिका पुटसंख्या | पुट... 3 मीमांसकमतम् .... 82 | 3 क्रियाव्यङ्ग्यः .... 4 नैयायिकमतम् .... 83 | 4 वर्तमानसिद्धिः .... 5 शाब्दिकदृशक्यविकल्पः .... 84 | 5 कालोऽनित्यः .... 6 नैयायिकः ... 84 | 6 कालहेतुता .... 7 कौमारिलः .... 85 | 7 कालोऽध्यक्षः .... 8 मण्डनमिश्रीयः .... 85 | 8 परिणामी .... 9 श्रीकरीयः .... 85 | 9 संख्या कालः .... 10 प्राभाकरः .... 86 | 10 उपाधयः .... 11 ज्ञानशक्तिः .... 86 | 11 सर्वेन्द्रियग्राह्यता .... 12 कुब्जशक्तिः .... 86 | 12 कालानुवादः .... 13 सर्वशक्तिः .... 86 | | (23) आकाशवादः (20) सादृश्यवादः | 1 आवरणाभावपक्षः .... 1 प्राभाकरं मतम् .... 87 | 2 अनुमेयपक्षः .... 2 कौमारिलम् .... 87 | 3 सांख्यपक्षः .... 3 वैशेषिकम् .... 89 | 4 शब्दाकाशपक्षः .... 4 सांख्यम् .... 89 | 5 प्रभाकाशवादः .... 5 शाक्यम् .... 90 | 6 दिगाकाशवादः .... | 7 प्रत्यक्षाकाशवादः .... (21) तमोवादः | 8 अव्याकृताकाशः .... 1 कौमारिलं मतम् .... 90 | 9 अलोकाकाशः .... 2 औपनिषदम् .... 90 | 3 प्राभाकरम् .... 91 | (24) परमाणुवादः 4 तार्किकम् .... 91 | 1 नित्यानित्यविचारः .... 3 आर्हतम् .... 91 | 2 पुञ्जवादः .... 6 वैभाषिकम् .... 91 | 3 आरम्भवादः .... 7 मण्डनमिश्रीयम् .... 92 | 4 परिमाणचतुष्टयम् .... | 5 द्व्यणुकविश्रान्तिः .... (22) कालवादः | 6 नवीनमतम् .... 1 कालापलापः .... 92 | 7 अविश्रान्तिपक्षः .... 2 कालोऽनुमेयः .... 93 |
विषयानुक्रमणिका i [वामभागः / Left Column] पुटसंख्या 8 आगमपक्षः .... 108 9 जगत्कारणम् .... 108 10 सृष्टिः . 108 (25) शरीरवादः 1 लक्षणविभागौ .... 109 2 जरन्मीमांसकमतम् .... 110 3 कुमारिलमतम् .... 110 4 परमात्माभ्युपगमः .... 112 5 सांख्यमतम् .... 112 6 औपनिषदमतम् .... 113 7 तत्र विशेषः .... 114 8 शरीरविचारफलम् .... 114 (26) इन्द्रियवादः 1 शाक्यमतम् .... 114 2 अप्राप्यकारित्वम् .... 116 3 नैयायिकमतम् .... 116 4 सांख्यमतम् .... 118 5 मीमांसकमतम् .... 118 6 भर्तृमित्रमतम् ... 118 7 मनोवैभववादः .... 119 8 औपनिषदमतम् .... 119 9 अन्तःकरणविचारः .... 120 (27) लौकायतात्मा. 1 देह आत्मा .... 121 2 चैतन्यम् .... 122 (28) सौगतात्मा. 1 विज्ञानमात्मा .... 123 [दक्षिणभागः / Right Column] पुटसंख्य... (29) सांख्यात्मा. 1 पूरुषः .... 12... 2 प्रकृतिविलक्षणः .... 12... (30) वैशेषिकात्मा. 1 देहादिभिन्नः .... 12... 2 सुखादिभिन्नः ... 12... (31) नैयायिकात्मा. 1 संशयः .... 12... 2 सूत्रार्थः .... 12... 3 तात्पर्यार्थः .... 13... 4 नवीनमार्गः .... 13... 5 आत्मशुद्धिः .... 13... (32) मीमांसकात्मा. 1 देहात्मवाददोषः .... 13... 2 विज्ञानात्मवादः .... 13... 3 इच्छयाऽनुमानम् .... 13... 4 तन्निरासः .... 13... 5 स्मरणेनानुमानम् .... 13... 6 स्वमतम् .... 13... 7 आक्षेपसमाधानम् .... 13... 8 प्रकारान्तरम् .... 13... 9 उपायोपदेशः .... 13... 10 तत्रोपमानम् .... 13... 11 आक्षेपपरिहारः .... 13...
x विषयानुक्रमणिका पुटसंख्या | पु[टसंख्या] (33) कौमारिलात्मा. | (38) धर्मधर्मिभाववाद[ः] 1 विज्ञानवादाद्याक्षेपः .... 140 | 1 अवतरणम् .... 2 समाधानम् .... 141 | 2 धर्मैकान्तः .... 3 परिणामिनित्यः .... 141 | 3 धर्म्येकान्तः " 4 नैरात्म्यवाददोषः .... 142 | 4 ऐक्यसिद्धान्तः .... 5 जन्मान्तरानुपपत्तिः .... 143 | 5 भेदैक़ान्तः .... 6. देहात्मवादनिरासः .... 144 | 6 शङ्कासमाधिः .... 7 विभुत्ववादः .... 145 | 7 भेदाभेदहेतुनिरासः .... 8 असर्वगतपक्षदोषः .... 146 | 8 निगमनम् .... 9 ऐकात्म्यवादनिरासः .... 147 | 9 भेदाभेदसिद्धान्तः .... 10 कर्तृत्वम् ... 148 | 11 सर्वसामर्थ्यम् .... 149 | (39) द्रव्यवादः. | 1 विवादक्रमः .... (34) प्राभाकरात्मा. | 2 द्रव्यविकल्पः .... 1 तत्त्वालोकः .... 149 | 3 गुणादिविकल्पः .... 2 स्वयंप्रकाशः .... 150 | 4 वासनाशक्तिः .... 3 चितिशक्तिस्वभावः .... 151 | | (40) गुणवाद[ः]. (35) बादरायणात्मा. | 1 उद्देशः .... 1 देहात्मवादनिरासः .... 151 | 2 रूपम् .... 2 चैतन्यविचारः .... 152 | 3 रसः .... 3 युक्त्यन्तरम् ... 153 | 4 गन्धः .... | 5 स्पर्शः .... (36) वेदान्तात्मा. | 6 संख्या .... 1 संशयः .... 154 | 7 एकत्वम् .... 2 सिद्धान्तः .... 155 | 8 परिमाणम् .... | 9 पृथक्त्वम् .... (37) आर्हतात्मा. | 10 संयोगः .... 1 स्वरूपोपदेशः .... 156 | 11 विभागः .... 2 जीवभावाः .... 156 | 12 परत्वापरत्वे .... 3 कर्म .... 157 |
विषयानुक्रमणिका xi पुटसंख्या पुटसंख्या 3 गुरुत्वम् .... 181 14 भर्तृमित्रमतम् 197 4 द्रवत्वम् .... 182 15 ग्रहणविचारः .... 197 5 स्नेहः .... 183 16 वेदनित्यता .... 197 6 संस्कारः .... 183 (44) ध्वनिवादः (41) बुद्धिवादः 1 सामान्यपक्ष .... 198 1 बुद्धिविकल्पः .... 185 2 विशेषपक्षः ... 199 2 रसः 186 3 वर्णपक्षः ... 199 3 प्रयत्नः .... 186 4 विवर्तपक्षः .... 199 4 सुखम् .... 187 5 उत्पत्तिपक्षः .... 199 6 ध्वनिनादभेदः .... 199 (42) प्राकट्यवादः 7 गुरुमतम् .... 199 1 कुमारिलमतम् .... 188 8 वायुपक्षः .... 199 2 प्रभाकरमतम् .... 189 9 औपाधिकपक्ष .... 200 3 इतरमतम् .... 190 (45) अदृष्टवादः (43) शब्दवादः 1 तार्किकमतम् ... 200 1 वैभाषिकमतम् ... 191 2 शाबरमतम् .... 200 2 तद्विशेषः .... 192 3 प्राभाकरमतम् .... 201 3 आर्हतमतम् .... 192 4 कुमारिलमतम् .... 201 4 आकाशपक्षः .... 192 5 सांख्यमतम् ... 201 5 स्फोटः .... 192 6 शाक्यमतम् .... 201 6 तद्विशेषः .... 193 7 आर्हतमतम् .... 201 7 वायुपक्षः .... 193 8 बादरायणमतम् .... 201 8 सांख्यमतम् .... 193 9 वैदिकावैदिकविभागः .. 201 9 तार्किकमतम् .... 194 10 अदृष्टेऽनुमानम् .... 202 10 औपवर्षमतम् .... 194 11 शास्त्रंप्रमाणम् .... 204 11 अनादिता .... 195 12 तत्रविमर्शः .... 205 12 कुमारिलाशयः ... 196 13 सेश्वरसिद्धान्तः .... 206 13 प्रभाकरमतम् .... 197
ii विषयानुक्रमणिका पुटसंख्या | पुटसंख्या (46) कर्मविभागवादः | (49) शास्त्रसामर्थ्यम् 1 काम्यपक्षः .... 207 | 1 ईश्वरस्वातन्त्र्यम् .... 224 2 नित्यकाम्यपक्षः .... 208 | 2 जीवस्वातन्त्र्यम् .... 226 3 नैमित्तिकपक्षः .. 209 | 3 सापेक्षवादः .... 227 | 4 शास्त्रावकाशः .... 228 (47) हिंसावादः | (50) कर्म (क्रिया) वादः 1 सांख्यमतम् ... 209 | 1 भट्टसिद्धान्तः .... 230 2 श्येनयागः .... 209 | 2 प्राभाकरसिद्धान्तः ... 230 3 तार्किकमतम् ... 209 | 3 सौगतसिद्धान्तः .... 231 4 मीमांसकमतम् .... 210 | 4 कर्मणः कर्मसाध्यता .. 231 5 वेदान्तिमतम् ... 211 | 5 कर्मापलापः .... 232 6 वेदाक्षेपपरिहारः .... 212 | 6 आत्मकर्म ... 233 7 महाभारतम् .... 212 | 8 महाभारतम् .... 212 | (51) सामान्यवादः 9 विष्णुपुराणम् .... 215 | 1 सौगतमतम् .... 236 10 बुद्धसंबन्धः .. 215 | 2 तार्किकमतम् .... 237 | 3 प्राभाकरमतम् .... 238 (48) अदृष्टसामर्थ्यम् | 4 कौमारिलमतम् .... 239 1 अदृष्टस्वातन्त्र्यम् .... 216 | 5 शाब्दिकमतम् .... 241 2 अदृष्टपारतन्त्र्यम् .... 217 | 6 संस्थानजातिपक्षः .... 241 3 पुरुषस्वातन्त्र्यम् .. 218 | 7 आर्हतमतम् .... 242 4 ईश्वरकारणता ... 218 | 8 ब्राह्मणत्वादिजातिविप्लवः 243 5 पुण्यापुण्यस्वरूपम् .... 218 | 9 तत्रविकल्पाः .. 243 6 चित्राधिकरणविचार .... 220 | 10 तत्प्रत्यक्षवादः .... 245 7 भर्तृमित्रमतनिरासः .... 221 | 11 तदुपदेशवादः .... 246 8 तार्किकमतनिरासः .... 221 | 12 तद्विभागः .... 247 9 सृष्टिलयाद्यभावः .... 222 | 10 तादृशवाक्यतात्पर्यम् .... 223 | (52) असम्बन्धवादः | 1 सम्बन्धानुपपत्तिः .... 248 | 2 उदाहृतकारिका ... 248
विषयानुक्रमणिका xiii [स्तम्भ १] पुट्संख्या ३ कार्यकारणभावनिषेधः २४९ ४ संयोगादिनिषेधः .. २५० ५ तत्र प्रत्युक्तिः ... २५१ (५३) संबन्धवादः. १ समवायः ... २५२ २ संयोगः .... २५४ ३ तादात्म्यम् .. २५५ ४ वैशिष्ट्यम् ... २५५ ५ कार्यकारणभावः .... २५५ ६ वाच्यवाचकभावः .... २५५ ७ विषयिविषयभावः .... २५६ ८ तादात्म्याकारः .... २५६ ९ हेतुत्वाकारः ... २५६ १० तुल्याकारः .... २५६ ११ प्रतिबिम्बाकारः .... २५७ १२ संसर्गधर्माकारः .... २५७ १३ संसर्गाकारः .... २५७ १४ साधारणाकारः .... २५७ १५ अविवेकाकारः .... २५७ १६ व्यवहारानुगुण्यम् .... २५७ १७ प्राकट्यम् .... २५७ १८ संयोगरूपः .... २५८ १९ प्रकाशविकल्पः ... २५९ २० कर्तृकर्मविरोधः .... २५९ २१ अपृथक्सिद्धिः .... २६० २२ तद्रहस्यम् ... २६० (५४) अभाववादः. १ माध्यमिकमतम् .... २६२ २ कुमारिलमतम् .... २६२ [स्तम्भ २] पुट्संख्या ३ नैयायिकमतम् .... २६४ ४ सांख्यमतम् .... २६४ ५ भेदविकल्पः .... २६५ ६ वैभाषिकमतम् .... २६६ ७ तन्मताक्षेपः .... २६९ ८ प्राभाकरमताक्षेपः .... २७० ९ भावान्तराभाववादः .... २७१ (५५) प्रमाणपरीक्षा. १ वैतण्डिकमतम् . २७३ २ प्रमाणस्थापनम् . २७४ ३ प्रमाणाचिन्ताफलम् २७४ ४ लक्षणनिरूपणम् .... २७५ (५६) प्रमाणस्वरूपम्. १ शब्दव्युत्पत्तिः .... २७६ २ वभाषिकमतम् .... २७७ ३ सौत्रान्तिकमतम् .... २७७ ४ योगाचारमतम् . .... २७८ ५ आर्हंतमतम् .... २७८ ६ नैयायिकमतम् .... २७९ ७ शाबरमतम् .... २७९ ८ कुमारिलव्याख्या .. २८० ९ प्रभाकरव्याख्या .... २८१ १० सांख्यमतम् .... २८१ ११ तार्किकमतम् .... २८१ १२ औपनिषदमतम् .... २८२ (५७) प्रमाणविभागः. १ चार्वाकादिसिद्धान्ताः ... २८३ २ विभागसारांशः .... २८५
[वाम स्तम्भः]
३ अवान्तरविभागः .... २८५ ४ प्रामाण्यविकल्पः ... २८६ (५८) स्वतस्त्वादिविचारः १ सांख्यमतम् .... २८७ २ सौगतमतम् .... २८७ ३ कुमारिलमतम् .... २८८ ४ प्रभाकरमतम् .... २९० ५ नैयायिकमतम् .... २७० ६ औपनिषदविशेषः .... २९१ ७ स्वतःप्रामाण्यरहस्यम् ... २९२ (५९) प्रमाविचारः १ सौगतमतम् .... २९३ २ नैयायिकादिमतम् .... २९३ ३ मीमांसकमतम् ... २९४ ४ ज्ञानप्रकाशसंग्रहः .... २९४ (६०) भ्रमविचारः १ आत्मख्यातिः .... २९५ २ असत्ख्यातिः .... २९५ ३ निर्विषयख्यातिः .... २९६ ४ निराधिष्ठानख्यातिः .... २९६ ५ संसर्गजाकारख्याति .. २९७ ६ अर्पिताकारख्यातिः .... २९७ ७ अन्यथाख्यातिः .... २९८ ८ अख्यातिः .... २९८ ९ विपरीतख्यातिः .... ३०० १० सत्ख्यातिः ... ३०१ ११ पक्षान्तरम् .... ३०१
[दक्षिण स्तम्भः]
(६१) अनिर्वचनीय... १ अनिर्वचनीयख्यातिः २ प्रातिभासिकोत्पत्तिः ३ खण्डनखण्डनम् ४ असत्यात्सत्यप्रतिपत्तिः ५ संसृष्टप्रसङ्गः ६ अविद्याशक्तिः ७ ईश्वरशक्तिः (६२) संवृत्तिवाद... १ संवृत्तिसत्यता २ कुमारिलखण्डनम् ३ तस्यविवरणम् ४ सत्त्वासत्त्वविकल्पः (६३) प्रत्यभिज्ञावा... १ प्रत्यभिज्ञाविकल्पः २ प्रामाण्यसाधनम् ३ प्रामाण्यफलम् ४ संवादः (६४) स्वयंप्रकाशत्व... १ प्रतिभा २ ज्ञानापलाप ३ जडधीवादः ४ अजडधीवादः ५ व्यवहारनिर्वाहः ६ निर्विशेषात्मानुभवः ७ सविशेषात्मानुभवः
विषयानुक्रमणिका
[स्तम्भ १] पुटसंख्या (65) स्मृतिवादः 1 अप्रामाण्यरहस्यम् .... 315 2 अप्रामाण्यस्थापनम् .... 315 3 अप्रामाण्यसंप्रदायः .... 317 4 नैयायिकमीमांसकभेदः .... 317 (66) प्रतिभावादः 1 प्रातिभम् .... 318 2 प्रतिभा प्रमाणान्तरम् .... 318 3 न प्रमाणान्तरम् ... 318 (67) सर्वज्ञवादः 1 सर्वज्ञनिरासः .... 319 2 तत्र प्रत्युक्तिः .... 322 3 फलाफलविचारः .... 324 4 औपनिषदनिर्णयः ... 325 (68) विज्ञानवादः 1 योगाचारपदार्थः .. 326 2 सिद्धान्तयुक्तयः .... 327 3 आकारान्तरनिरासः .... 328 4 वासनानिर्णयः .... 329 5 ग्राह्यलक्षणयोगः ... 329 6 संवेदनहेतुः .... 330 (69) विज्ञानवादनिरासः 1 नैयायिकाशयः .... 330 2 मतिजाड्यम् .... 331 3 साधारण्यानुपपत्तिः ... 332 4 सहोपलम्भनियमः .... 333
[स्तम्भ २] 5 शब्दलिङ्गविचारः .... 6 विकल्पनानिरासः .... 7 विषयभेदः .... 8 निषेधसिद्धान्तविहतिः .... 9 परीक्षकमीमांसा .... (70) क्षणभङ्गनिरासः 1 प्रत्यभिज्ञापरिशोधः .... 2 सत्त्वानुमाननिरासः .... 3 कारणत्वानुपपत्तिः .... 4 विरुद्धसत्त्वहेतुः .... 5 प्रत्यभिज्ञोपपत्तिः .... 6 तत्त्यागानुपपत्तिः .... 7 ध्रुवभावित्वहेतुः ... 8 बुद्ध्याविवेचनम् .... (71) प्रत्यक्षवादः 1 प्रत्यक्षशब्दार्थः .... 2 विभागः .... 3 प्रमेयविचारः .... 4 नैयायिकसिद्धान्तः .... 5 मीमांसकादिसिद्धान्तः .... (72) विकल्पवादः 1 सौगताभिप्रायः .... 2 कुमारिलाभिप्रायः .... 3 प्रभाकराभिप्रायः .... 4 सारांशनिष्कर्षः .... 5 सन्निकर्षः .... 6 निर्विकल्पकविषयविवेचनम् ....
XVI विषयानुक्रमणिका [स्तम्भ १] पृष्ठसंख्या 7 प्रत्यक्षलक्षणम् .... 355 8 सांख्यपक्षाक्षेपः .... 356 9 विशुद्धाद्वैतपरिष्कारः .... 357 (73) प्रतिबिम्बवादः 1 बिम्ब एव प्रतिबिम्बः .... 358 2 प्रतिबिम्बोत्पत्तिः .... 358 (74) अनुमानाक्षेपः 1 नियमानुपपत्तिः .... 359 2 परिच्छेदानुपपत्तिः .... 360 3 आत्माश्रयादिदोषः .... 361 4 पक्षधर्मतानुपपत्तिः .... 361 5 प्रयोगानुपपत्तिः .... 362 6 प्रत्यक्षेणान्यथासिद्धिः .... 362 7 सुशिक्षितमतम् .... 363 (75) अनुमानसमर्थनम् 1 सामान्ययुक्तिः .... 363 2 सौगतसम्प्रदायः .... 364 3 रहस्यम् .... 366 4 तत्र प्रमाणम् .... 366 5 संप्लवः .... 367 6 तार्किकसंप्रदायः .... 368 7 तार्किकप्रक्रिया .... 370 8 सौगतदूषणम् .... 372 (76) उपाधिवादः 1 उदयनाचार्यमतम् .... 372 2 वादीन्द्रमतम् .... 372 [स्तम्भ २] पृष्ठसंख्या 3 तयोरभिप्रायः .... 373 4 दूषकत्वम् .... 373 5 तद्विभागः .... 373 6 अनुमानप्राणः .... 374 7 तर्कतत्त्वम् .... 374 8 साधनदूषणतत्त्वम् .... 375 (77) लिङ्गविचारः 1 एकलक्षणपक्षः .... 375 2 द्विलक्षणपक्षः .... 376 3 त्रिलक्षणपक्षः .... 376 4 पञ्चलक्षणपक्षः .... 376 5 षल्लक्षणपक्षः .... 376 6 दशलक्षणपक्षः .... 377 7 शाक्यलिङ्गविभागः .... 377 8 सांख्यविभागः .... 378 9 वैशेषिकविभागः .... 378 10 नैयायिकविभागः .... 378 11 औपवर्षविभागः .... 378 12 विशेषतस्सामान्यतश्च दृष्टम् .... 379 13 तत्रसामान्यनिर्णयः .... 380 14 नैयायिकव्याख्यानम् .... 381 15 वेदान्तिनिर्णयः .... 381 16 स्वार्थपरार्थविचारः .... 382 (78) व्याप्तिवादः 1 सौगतव्याप्तिः .... 383 2 नैयायिकव्याप्तिः .... 383 3 मीमांसकव्याप्तिः .... 384 4 इतरेषां व्याप्तिः .... 386
6 साधर्म्यवैधर्म्यविचारः .... 387 7 केवलव्यतिरेकी .... 388 8 केवलान्वयी .... 390 9 महाविद्या .... 391 (79) अनुमेयवादः 1 दिङ्नागमतम् .... 391 2 कुमारिलमतम् .... 392 3 प्रभाकरमतम् .... 393 4 नैयायिकमतम् .... 393 5 ईश्वरानुमानम् .... 393 (80) न्यायवादः 1 प्रशस्तपादः .... 394 2 वात्स्यायनः .... 394 3 जयन्तः .... 395 4 कुमारिलः .... 395 5 ज्ञानश्रीः .... 395 6 देवसूरिः .... 396 7 वेदान्तार्यः .... 396 8 निरालम्बनानुमानम् .... 396 (81) हेत्वाभासाः 1 प्रशस्तपादमंतम .... 399 2 नैयायिकमतम् .... 400 3 आर्हतमतम् .... 400 4 प्रत्यक्षाद्याभासः .... 400 5 साध्याद्याभासः .... 401 6 अप्रयोजकः .... 401 7 विरोधविचारः .... 401 8 बाधविचारः .... 401 9 मीमांसकमतम् .... 402 10 संशयविचारः .... 402 11 विरुद्धाव्यभिचारी .... 403 12 संदिग्धानैकान्तिकता .... 403 13 व्यधिकरणासिद्धः ,, 403 14 अनध्यवसितः .... 403 (82) कथा. 1 कथानिरूपणम् .... 404 2 कथानधिकारः .... 404 3 कथानियमः .... 405 4 कथाफलम् .... 405 5 पञ्चमुखकथा .. 406 6 छलादयः .... 406 7 कथाविज्ञानफलम् .... 407 8 वीतरागकथा .... 407 (83) उपमानवादः 1 वृद्धनैयायिकमतम् .... 408 2 नव्यनैयायिकमतम् .... 408 3 मीमांसकमतम् .... 410 4 शक्तिग्रहविचारः .... 411 (84) अर्थापत्तिवादः 1 कुमारिलमतम् .... 412 2 गुरुमतम् .... 413
xviii विषयानुकमणिका [स्तम्भ १] 3 न्यायमतम् .... 413 4 अर्थापत्तिविभागः .... 414 5 गुरुमतविशेषः .... 414 (85) अनुपलब्धिः 1 मीमांसकमतम् .... 415 2 तस्योपव्याख्यानम् .... 416 3 नैयायिकमतम् .... 417 4 सौगतमतम् .... 418 5 मीमांसकाशयः ... 319 6 नैयायिकाशयः .... 120 (86) शब्दाक्षेपवादः 1 चार्वाकाक्षेपः .... 420 2 सौगताक्षेपः .... 422 3 शाब्दिकसौगताक्षेपः .... 422 4 वैशेषिकाक्षेपः .... 423 (87) शब्दप्रामाण्यवादः 1 वैदिकसमाधानम् .... 423 2 पार्थक्यनिरूपणम् .. 424 3 नैयायिकाशयः .... 426 4 प्राभाकराशयः .... 427 5 वक्तृज्ञानानुमानम् .... 427 6 प्रकारान्तरम् .... 427 7 आलंकारिकाशयः .... 429 (88) शब्दपरिकरः 1 मीमांसक लक्षणम् .... 429 2 वैयाकरणलक्षणम् .... 429 3 नैयायिक लक्षणम् .... 430 [स्तम्भ २] 4 वृत्तिविभागः .... 431 5 अपर्यवसिता वृत्तिः .... 432 6 लक्षणाविभागः .... 432 7 अभिधानविचारः .... 432 (89) शब्दविभागवादः 1 शाब्दिकविभागः ... 433 2 आलंकारिकविभागः .... 433 3 नामादिविभागः .... 434 4 उपसर्गनिपातविचारः .... 435 5 नैयायिकविभागः .... 436 6 अपशब्दविचारः .... 437 7 निषेधसारांशः .... 438 8 भेदसंसर्गविचारः .... 438 9 सामानाधिकरण्यम् .... 439 10 सारांशः ... 441 (90) वेदवादः 1 वेदपदार्थः .... 441 2 तत्र निर्णयः .... 442 3 वेदप्रामाण्यशङ्का .... 443 4 तत्र समाधानम् .... 444 (91) वेदवैलक्षण्यवादः 1 आगमनित्यतापक्षः .... 445 2 बुद्धसूत्रनिरासः .... 446 3 हेतुदर्शनम् .... 447 4 अपौरुषेयता .... 448 5 तत्र प्रमाणम् .... 449 6 विधिः .... 450
[प्रथमस्तम्भः / Column 1]
७ स्मृतिः .... 451 ८ विरोधविचारः .... 451 ९ आगमप्रामाण्यम् . 452 १० विचारस्यावश्यकता .... 453 (92) शास्त्रवादः १ शास्त्रनिरुक्तिः .... 453 २ विभागः .... 453 ३ विद्यास्थानम् .... 454 ४ विद्याप्रमेयम् .... 454 ५ आन्वीक्षकी .... 455 ६ शास्त्रकर्त्तारः .... 456 ७ वार्त्तिकादिनिरुक्तिः .... 457 (93) मीमांसावादः १ मीमांसानिरुक्तिः .... 457 २ स्वाध्यायविध्यर्थः .... 458 ३ चोदनासूत्रार्थः .... 459 ४ तर्कपादवादोद्देशः .... 461 ५ युक्तिशास्त्रम् .... 463 (94) अध्यायार्थसंग्रहः १ उपदेशः .... 464 २ अतिदेशः .... 464 (95) वेदनिरुक्तिवादः १ प्राचीनविभागः .... 465 २ नवीनविभागः .... 466 ३ विषयविभागः .... 467 ४ अङ्गत्वम् .... 468
[द्वितीयस्तम्भः / Column 2]
५ कर्मविभागः .... 468 ६ भावना ... 470 ७ अङ्गत्वप्रमाणम् .... 471 ८ प्रकृतिः .... 472 ९ अधिकारः .... 472 १० प्रयोगः .... 473 ११ मन्त्रः .... 473 १२ नामधेयम् .... 473 १३ निषेधः .... 474 १४ अर्थवादः .... 474 १५ एकवाक्यत्वम् .... 475 (96) सामान्यानिरुक्तिवादः १ वेदत्वादिः .... 475 २ अङ्गत्वादिः ... 476 ३ यागत्वादिः .... 477 ४ क्रत्वर्थत्वादिः .... 477 (97) दोषनिरुक्तिवादः १ वाक्यभेदः .... 478 २ विकल्पः .... 479 ३ बाध्यबाधकभावः .... 480 (98) न्यायनिरुक्तिवादः १ संदंशादिः ... 481 २ दृष्टार्थत्वादिः ... 482 ३ सामान्यविशेषादिः .... 483 ४ अधिकरणम् .... 484 ५ नयः .... 486
विषयानुक्रमणिका [वामस्तम्भः] पुटसंख्या (९९) वाक्यार्थवादपीठिका. १ क्रिया .... ४८६ २ प्रवृत्तिः .... ४८७ ३ प्रवर्तकम् .... ४८८ (१००) वाक्यवादः १ वाक्यविकल्पः .... ४९० २ अखण्डपक्षः .... ४९० ३ सखण्डपक्षः .... ४९१ ४ प्रतिभावाक्यार्थः .... ४९१ ५ वाक्यार्थविकल्पः .... ४९२ ६ संसर्गविकल्पः .... ४९३ ७ क्रियावाक्यार्थः ... ४९४ (१०१) क्रियावाक्यार्थः १ भावना .... ४९५ २ व्यापारः .... ४९७ ३ प्रयत्नः .... ४९७ ४ धात्वर्थसामान्यम् .... ४९७ ५ सिद्धान्तरहस्यम् .... ४९८ ६ शाब्दबोधक्रमः .... ४९९ (१०२) नियोगवाक्यार्थः १ नियोगस्वरूपम् .... ४९९ २ तस्य कार्यत्वम् .... ५०० ३ तदनुबन्धः .... ५०० ४ नित्याधिकारः ... ५०१ ५ कामाधिकारः .... ५०१ ६ प्रतिषेधाधिकारः .... ५०१ ७ निमित्ताधिकारः .... ५०२ [दक्षिणस्तम्भः] पुटसंख्या (१०३) कार्यवाक्यार्थः. १ इष्टसाधनतातिरेकः .... ५०३ २ कार्यव्युत्पत्तिः .... ५०४ ३ नियोज्यसिद्धिः .... ५०४ ४ क्रियातिरेकः ... ५०५ ५ नियोगानतिरेकः .... ५०५ ६ प्रधानत्वम् .... ५०६ ७ सर्वलाक्षणिकपक्षः .... ५०६ ८ शाब्दबोधक्रमः .... ५०७ (१०४) निषेधवाक्यार्थः १ पर्युदासः .... ५०८ २ अभावः .... ५०९ ३ निषेधः .... ५०९ ४ निषेधतत्त्वम् .... ५१० (१०५) प्रयोजनवाक्यार्थः १ नैयायिकाशयः .... ५११ २ मीमांसकाशयः .... ५१२ ३ फलज्ञानं प्रवर्तकम् .... ५१२ ४ गुरुमतानुपपत्तिः .... ५१३ ५ प्रतिषेधोपपत्तिः .... ५१३ ६ न्यायसूत्रम् .... ५१४ ७ वाक्यार्थः .... ५१४ ८ प्रतिभाखण्डनम् .... ५१५ ९ प्रवृत्तिक्रमः .... ५१५ (१०६) आप्ताभिप्रायवाक्यार्थः १ देवताप्रीतिः .... ५१५ २ कार्यतत्त्वम् .... ५१६
[विषयानुक्रमणिका | xxi]
[वाम-स्तम्भः]
पुटसंख्या ३ तन्निरासः .... 518 ४ अन्विताभिधानम् .... 519 ५ अभिहितान्वयः .... 520 ६ विशेषांशः .... 521 (107) त्रिवर्गवादः १ पीठिका .... 523 २ पुरुषार्थविभागः .... 524 ३ तत्र निदानम् .... 525 ४ बाधादिपक्षाः .... 526 ५ कामरहस्यम् .... 527 (108) मोक्षवादोपोद्घातः १ सुखाभावः .... 528 २ दुःखाभावः .... 528 ३ उदासीनभावः .... 529 ४ अभ्यासः .... 529 ५ वैराग्यम् .... 531 ६ अभिमानः .... 532 ७ वैचित्र्यम् .... 532 (109) मोक्षविकल्पः १ अवैदिकसिद्धान्ताः .... 532 २ वैदिकसिद्धान्ताः .... 534 ३ जीवप्रध्वंसपक्षः .... 536 ४ विकल्पसारः .... 536 ५ मोक्षोदाहरणम् .... 537 ६ सामरस्यम् .... 538 (110) मुक्तात्मविकल्पः १ लौकायततः .... 539
[दक्षिण-स्तम्भः]
पुटसंख्या २ सौगतः .. 539 ३ सांख्यः .... 540 ४ पाशुपतः .... 540 ५ वैशेषिकः .... 540 ६ कौमारिलः .... 540 ७ विशुद्धाद्वैतम् .... 541 ८ विशिष्टाद्वैतम् .... 541 ९ विशुद्धाद्वैतम् .... 841 १० द्वैताद्वैतम् .... 542 ११ अनेकान्तम् .... 542 १२ सर्वसंग्रहः .... 542 १३ जीवोत्पत्तिवादः ... 542 (111) कर्मनिवृत्तिवादः १ कर्मस्वरूपविकल्पः .... 544 २ कर्मनिवृत्त्यनुपपत्तिः .... 544 ३ उपपत्तिप्रकाराः .... 545 ४ प्रशस्तपदीयः .... 545 ५ प्राभाकरीयः .... 546 ६ कौमारिलः .... 546 ७ पातञ्जलविशेषः .... 546 ८ वासुदेवीयः .... 547 ९ गौतमीयः .... 547 १० सेश्वरीयः .... 547 ११ बादरायणीयः .... 547 (112) कर्मज्ञानसंबन्धः १ कर्मसाध्यांशः .... 548 २ अङ्गाङ्गिभावविकल्पः .... 549 ३ विविदिषावेदनार्थत्वावि- कल्पः .... 550
४ ध्यानानियोगः .... 551 ५ निष्प्रपञ्चीकरणनियोगः 552 ६ विज्ञानाधिकारविचारः 552 ७ कामप्रध्वंसवादः .... 553 ८ कर्मविभागसारः ... 554 (113) मोक्षसाधनम् १ लौकायतम् .... 555 २ आर्हतम् .... 555 ३ पाशुपतम् .... 556 ४ गान्धर्वम् .... 557 ५ सौगतम् .... 558 ६ सांख्यम् .... 559 ७ सेश्वरम् .... 559 ८ तत्करणविकल्पः .... 559 ९ साधननिवृत्तिविकल्पः 560 १० जीवन्मुक्तिः .... 561 ११ अविद्यानिवृत्तिः .... 562 १२ मुक्तिविकल्पः .... 562 (114) भक्तिः १ ज्ञानम् .... 563 २ भक्तिः .... 564 ३ फलविकल्पः .... 565 ४ पाञ्चरात्रसम्प्रदायः .... 566 ५ सात्त्वतविचारः .... 566 ६ पाञ्चरात्रप्रामाण्यम् .... 567 ७ पाञ्चरात्रसारः .... 568 ८ शास्त्रैक्यम् .... 569 ९ ब्रह्मसूत्रम् .... 670 १० तत्रविशेषः .... 572 11 ईश्वरवाचिकल्पः I .... 574 12 व्योमातीतवादः II 575 (115) प्रपत्तिः 1 तत्र प्रमाणम् .... 576 2 लक्षणम् .... 577 3 विभागः .... 578 4 अङ्गानि .... 579 5 अनुष्ठानक्रमः .... 580 (116) नैयायिकसिद्धान्तः 1 दुःखमिश्रं सर्वम् .... 581 2 अनुष्ठानक्रमः .... 581 3 नित्यसुखनिरासः .... 582 4 अपवर्गसमुद्भवः .... 582 5 दुःखध्वंसः .... 584 (117) तन्त्रवार्तिकसिद्धान्तः 1 आत्मज्ञानं पुरुषार्थम् .... 584 2 तच्च त्रिविधम् .... 884 3 फलसंबन्धस्त्रिविधः .... 585 4 कर्मोपयोगः ... 585 5 समुच्चयः ... 585 6 श्लोकवार्तिकाभिप्रायः ... 586 7 विरोधपरिहारः .... 588 8 राणकपरिहाररहस्यम् 588 9 भाट्टसंप्रदायः .... 588 (118) अधिकारवादः 1 सर्वाधिकारः .... 590
विषयानुक्रमणिका xxiii पुटसंख्या पुटसंख्या २ अपशूद्राधिकारः .... 590 2 प्रमाणम् .... 605 ३ ब्राह्मणाधिकारः .... 590 3 तर्काप्रतिष्ठानम् .... 606 ४ द्विजाधिकारः .... 590 4 लाघवतर्कः .... 608 ५ शूद्राधिकारः .... 591 5 सम्प्रदायः .... 609 ६ संन्यासाश्रमः .... 591 ७ अत्याश्रमः .... 592 (122) युक्तिप्राबल्यम् ८ स्वतन्त्रसिद्धान्तः .... 593 1 युक्तेः प्रामाण्यम् .... 610 ९ सर्वमुक्त्यधिकारः .... 593 2 युक्तेः प्राधान्यम् .... 611 १० स्त्रीणामधिकारः .... 595 3 युक्तेरावश्यकता .... 612 ११ फलितांशः .... 595 4 शास्त्रमुपसर्जनम् .... 614 १२ अधिकारतत्त्वम् .... 595 5 वेदनिन्दाविचारः .... 615 (119) कर्मज्ञानतत्त्वम्. (123) विचारनिरूपणम्. १ ज्ञानं सूक्ष्मं कर्म .... 596 1 प्रयोजनम् .... 616 २ तत्र सर्वमतानुगुण्यम् .... 597 2 सांख्ययुक्तिः .... 617 ३ व्यवहारानुगुण्यम् .... 598 3 वैशेषिकयुक्तिः .... 618 ४ अङ्गाङ्गिभावानुगुण्यम् .... 599 4 मीमांसकयुक्तिः .... 618 5 औपनिषदयुक्तिः .... 619 (120) प्रत्यक्षप्राबल्यम्. 6 अज्ञानतत्त्वम् .... 620 १ केवलप्रत्यक्षप्राबल्यम् .... 600 7 वैताण्डिकखण्डनम् .... 621 २ केवलनिर्विकल्पकप्राब- ल्यम् .... 600 (124) बलाबलसारांशः ३ उपजीव्यप्राबल्यम् .... 601 1 लोको वेदश्च .... 623 ४ औपनिषदप्राबल्यम् .... 602 2 सामरस्योपायाः .... 624 ५ विरोधाभाववर्णना .... 603 ६ निर्विकल्पकविषयसम- (125) उपसंहारः र्थनम् .... 604 1 देशः .... 625 2 कालः .... 626 (121) शास्त्रप्राबल्यम्. 3 मङ्गलाशासनम् .... 628 १ निदानम् .... 605
आकारग्रन्थः
[वामस्तम्भः / Left Column]
अधिकरणसारावळिः अनुव्याख्यानम् अर्थसंग्रहः अवैदिकदर्शनम् आगमप्रामाण्यम् आत्मसिद्धिः आप. ध. — आपस्तम्बधर्मः आप. प — आपस्तम्बपरिभाषा आप्तमीमांसा उपस्कारवृत्तिः वैशेषिकसूत्रस्य ऋक्संहिता काव्य. सं. — काव्यप्रकाशसङ्केतः काव्यादर्शः काव्यालङ्कारसूत्रम् किरणावळिः खण्डन-खण्डखाद्यम् गौ. का. — गौडपादकारिका गौ. ध. — गौतमधर्मः जै. सू. — जैमिनिसूत्रम् जै. मा. — जैमिनीय न्यायमाला त. कौ. — तत्त्वकौमुदी तत्त्वचिन्तामणिः त. टी-तत्त्वटीका-श्रीभाष्यव्याख्या तत्त्वत्रयस्य व्याख्या लोकाचार्य- कृतस्य त. क. — तत्त्वमुक्ताकलापः तत्त्ववैशारदी तत्त्वसंख्यानम्
[दक्षिणस्तम्भः / Right Column]
तत्त्वार्थराजवार्तिकम् तन्त्र. तन्त्रवार्तिकम् तात्पर्यचन्द्रिका गीताभाष्यव्याख्या तात्पर्यदीपिका — वे. सं. व्या. तैत्तिरीयसंहिता दृग्दृश्यविवेकः ध्वन्यालोकः न्या. क. — न्यायकर्णिका न्यायकन्दळी न्या. कु. — न्यायकुसुमाञ्जलिः न्या. प. — न्यायपरिशुद्धिः न्या. वि. — न्यायबिन्दुः न्या. भा. — न्यायभाष्यम् न्या. म. — न्यायमञ्जरी न्या. मा. — न्यायरत्नमाला न्या. र. — न्यायरत्नाकरः न्या. ता-न्यायवार्तिकतात्पर्यटीका न्या. सि. — न्यायसिद्धाञ्जनम् न्यायसुधा — राणकम् न्या. सू. — न्यायसूत्रम् न्या. सू. वृ. — न्यायसूत्रवृत्तिः पञ्चपादिकाविवरणम् प. म-परमतभङ्गः वेदान्ताचार्यकृत पाणिनिसूत्रम् पातञ्जलयोगसूत्रम् पाञ्चतन्त्रम् पा. भा. — पातञ्जलयोगभाष्यम् प्र. क. — प्रकरणपञ्चिका
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