मार्क्सवाद और रामराज्य (स्वामी करपात्री जी महाराज - साम्यवाद समीक्षा एवं वैदिक समाज-दर्शन)
Marxvad aur Ramrajya of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंखोज है कि हेमाइट लोग काकेशस वंशके हैं और सफेदसे भूरे और काले रगके हो गये हैं । उनके बाल सीधे और नीग्रो जातिके-से घुँघराले होते हैं । "हेमिटिक शाखाके लोग मिस्रमें रहते हैं । विद्वानोंने यह भी स्वीकार किया है कि अमेरिकाके लाल रंगवाले मूल निवासियोका मिलान मिस्रनिवासी हेमिटिकोंसे ही होता है । इन्हीकी एक हिमेगाडत जाति लाल मनुष्य भी कहलाती है । यह जाति जिस समुद्रके किनारे रहती है, उसे भी लाल सागर कहा जाता है । श्वेतांग यूरोपियन भी अपनेको काकेशिक विभागके ही कहते हैं । इस तरह लाल, पीले, काले और सफेद रंगके चारो समुदाय काकेशिक विभागसे ही उत्पन्न हुए देखे जाते हैं । दूसरी खोज यह है कि संसारके जितने मनुष्य हैं, सब हेमिटिक और सेमिटिक शाखाओंमें अन्तर्भूत हो जाते हैं । मिस्रनिवासी हेमिटिक हैं । इनके यहाँ मुदोंमें मसाला भरकर रखनेका रिवाज था । मिस्रके पिरामिड इन्हीं मुदोंको रखनेके लिये बनाये जाते थे । अब पता चलता है कि अमेरिकाके लाल रंगवाले मूल- निवासियोंमें भी यही रिवाज था । अन्वेषकोंको यहाँ भी पिरामिड मिले हैं । इससे इन दोनोंकी एकता ही प्रतीत होती है । "काकेशस विभागकी दूसरी शाखा सेमिटिक है । इसमें अरब, बेबिलोन, सीरिया और जुडियाके यहूदी आदि सम्मिलित हैं । इसीकी एक शाखा अब हिट्टाइट है, जो पहले कभी मेसोपोटामियोंमें रहा करती थी । मेसोपोटामियोंमें अन्वेषकोंको ३४ सौ वर्षकी ईंटे मिली हैं, जिनमें इनके सुलहनामे लिखे हुए हैं । इन्ही लोगोंका एक दल भारतवर्षमें रहता है, जिसे 'द्रविड़' कहते हैं । भारतके द्रविड़ोंकी भाषा मंगोलिक और निग्रो विभागोंको जोड़ती है । भाषा ही : नहीं, उनका रूप, रग और शारीरिक गठन भी एक ही है । विद्वानोंने पता लगाया है कि भारतके द्रविड़ोंकी भाषा आस्ट्रेलियाकी भाषाकी भाँति है और वह भाषा मंगोलिक विभागसे भी मिलती है । आस्ट्रेलियानिवासी शुद्ध निग्रो जातिके हैं, जो द्रविड़ जातिसे भी सम्बन्ध रखते हैं । इसी तरह मगालिक-विभागसे भी द्रविड़ लोग सम्बन्ध रखते हैं । इन सब बातोसे द्रविड़ जाति निग्रो और मंगोलिक विभागोको जोड़कर अपना मूल स्रोत सेमिटिक शाखासे स्थापित करती है । इसी तरह हेमिटिक शाखा अमेरिकाके मूल निवासियोंको जोड़ती है । इस तरह काकेशिक विभागके हेमिटिक और सेमिटिक शाखाओसे ही मंगोलियन्, अमेरिकन और निग्रो विभागोका सम्बन्ध सूचित होता है । इस तरह ससारके काले, पीले, लाल और सफेद रगवाले चारो विभाग काकेशिक विभागकी हेमिटिक और सेमिटिक शाखाओसे ही उत्पन्न हुए हैं ।" वस्तुतः नूहका तूफान, वैवस्वत मनुकी मछलीवाली कथाका अनुवाद है । नूहके पुत्र हेमकी संतति, जो मिस्रमें रहती है, अपना सम्बन्ध राजा मनुसे बतलात