भारतकोश
मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Mayamatam of Maya Muni with Hindi Commentary by Shailaja Pandey

मय मुनि (टीकाकार: डॉ. शैलजा पाण्डेय) द्वारा

DevanagariHindipublished395 पृष्ठ

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: त्कम्पं! Wait, let's look between क्रमाद् and विरचयेत्: There is no space, it's क्रमाद्विरचयेत्कम्पं or क्रमाद्विरचयेत् कम्पं? Wait, look: त्रिद्व्यग्न्यश्विमितैः [space] क्रमाद्विरचयेत्कम्पं [space] गलं [space] पट्टिकाम् Wait, look at त्रिद्व्यग्न्यश्विमितैः: Is there a visarga after तै? Yes, two small dots: : Then क्रमाद्विरचयेत्कम्पं Then गलं Then पट्टिकाम्.

Wait, let's check line 26: प्रत्युद्यन्मकरास्यकादिरुचिरां सिंहादिभिश्चोज्ज्वलाम्।। (२.१३) Let's scan line 26: 1, 2, 3: प्रत-युद्-यन् (---) = Magaṇa 4, 5, 6: म-क-रा (UU-) = Sagaṇa 7, 8, 9: स्य-का-दि (U-U) = Jagaṇa 10, 11, 12: रु-चि-रां (UU-) = Sagaṇa 13, 14, 15: सिं

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