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मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

मयमतम् (मय मुनि प्रणीत वास्तुशास्त्र - डॉ. शैलजा पाण्डेय सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Mayamatam of Maya Muni with Hindi Commentary by Shailaja Pandey

मय मुनि (टीकाकार: डॉ. शैलजा पाण्डेय) द्वारा

DevanagariHindipublished395 पृष्ठ

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( १५ ) टिप्पणी, पारिभाषिक शब्दावली एवं विषय को समझने में सहायक चित्रावली के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। कृतवेदिता पुष्पाञ्जलि मेरी प्रथम पुष्पाञ्जलि पराम्बा-सहित भगवान् शिव के चरणों में समर्पित है, जिनकी कृपा के बिना यह कार्य सम्भव नहीं था। मयमत ग्रन्थ के कर्ता दैत्यराज मय तथा सभी पूर्व सूरियों को मैं नमन करती हूँ, जिनके आशीर्वाद से एवं ग्रन्थों के अव- लोकन से मैं इस ग्रन्थ की ग्रन्थियों को सुलझा सकी। इस कार्य की योजना उपस्थित करने वाले तथा भरपूर सामग्री सुलभ कराने वाले चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन परिवार के श्री नवनीतदास जी गुप्त जी मेरी कृतज्ञता के अत्यधिक पात्र हैं। विषय-विशेषज्ञ न होते हुये भी मेरे शैक्षणिक कार्य में अत्यधिक रुचि रखते हुये हर कदम पर उत्साहित करने वाले अपने पति डॉ. राधेकृष्ण पाण्डेय की मैं अत्यधिक आभारी हूँ, जिनके द्वारा प्रदत्त पूर्ण सहयोग एवं मनोबल के कारण मैं इस कार्य को हर बाधा पार करते हुये पूर्ण कर सकी। गंगानाथ झा केन्द्रीय संस्कृत विद्यापीठ ( अधुना गंगानाथ झा परिसर ), इलाहाबाद के ग्रन्थालय का मैंने इस कार्य में भरपूर प्रयोग किया है; अतः मैं सम्पूर्ण लाइब्रेरी- परिवार को धन्यवाद देती हूँ। अन्ततः चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन, वाराणसी की मैं कृतज्ञ हूँ, जिन्होंने अत्यल्प समय में इस ग्रन्थ को सुन्दर कलेवर में प्रकाशित करने का भार उठाया। मानवीय दुर्बलताओं के कारण इस ग्रन्थ में हुई त्रुटियों के लिये सभी सुधिजनों से क्षमा-प्रार्थना करती हुई— विदुषां वशंवदा शैलजा पाण्डेय

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