भारतकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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११४ मीराँ-बृहद्-पद-संग्रह १९ राणे जी मेवाडॊ, म्हारो काईं करसी । म्हे तो गोविन्दरा गुण गास्या हो माय । राणा जी रूससी गाव रखासी । हरि रूस्या कुम्लास्या हो माय । म्हारो तो पण चरणामत रो, नित उठि मदिर जास्या हे माय । मदिरया मे माधुरी मूरति निरख निरख गुण गास्या हे माय । राणे जी भेज्या विषरा प्याला, कर चरणामृत पीस्या हे माय । राणे जी भेज्या साप पिटारा, तुलसी की माला कर पैरा हे माय । हाथा से करताल बजावा घूघरिया धमकास्या१ हे माय । मीराँ के प्रभु गिरिधर नागर हरि चरणा चित ध्यास्या२ हे माय । ॥१८२॥ २० राणा जी मेवाडो म्हारो काईं करसी । मै रूसियो राम रिझाया ये माय । राणे जी रूठ्या गाव रखासी, हरि रूस्या कुम्हलास्या ये माय । तन करताल, मना कर मोहचिंग,३ घूघरिया धमकास्या ये माय । राणे जी भेज्या विष को प्यालो, कर चरणामृत पीस्या ये माय। मीराँ के प्रभु गिरधर नागर, हरि चरणा चित लास्या ये माय ॥१८३॥ १ बजाऊँगी, २ ध्यान करूँगी, ३ डफली ।