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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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पाठान्तर १, माई म्हे गोविन्द लीनी मोल। कोई कहै सस्तो, कोई कहै महँगो, लीनी तराजू तोल। कोई कहै घर मे, कोई कहै वन मे, राधा के सग किलोल। मीराँ के प्रभु गिरिधर नागर, आवत प्रेम के मोल।

पाठान्तर २, माई मै तो लीयो री गोविन्दो मोल। कोई कहै सोहग्गो कोई कहै मेहगो लियोरी तराजू तोल। कोई कहै छानै, कोई कहै छुरकै लीयोरी बाजता ढोल। याकूँ तो सब लोग जाणत है, लियो अमोला मोल। मीराँ के प्रभु हरि अविनासी, पूरब जनम के कोल।

पाठान्तर ३, मै तो गोविन्द लीन्हा मोल। कोई कहै महंगा, कोई कहै सस्ता, लियो तराजू तोल। ब्रज के लोग करै सब चर्चा, लिया बजा के ढोल। सुर नर मुनि जाको पार न पावै, ढक लिया प्रेम पटोल। जहर पियाला राणाजी भेज्यो, पिया मै अमृत मोल। मीराँ प्रभु के हाथ बिकानी, सर्वस दीना घोल। 'ब्रजं कै बसिया करै सब चर्चा' और 'जहर पियाला . अमृत मोल' जैसी अभिव्यक्तियाँ इस पाठ की विशेषताएँ हैं।