मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१७८ मीरां-बृहद्-पद-संग्रह मिश्रित भाषा में प्राप्त पद १ ऐसो पिया जान न दीजै हो। सब सखिया मिलि राखिल्यो, नैनां सुख लीजै हो। स्याम सलोनी सावरो, मुख देखत जीजै हो। जिण जिण विधियां हरि मिलै, सोही विधी कीजै हो। चन्दन काला नाग ज्यूँ, लपटाइ रहीजै हो। चलो सखी री वहां जइयै, वाको दरसन कीजै हो। बाहु काधै मेलिकै, तन लूमि रहीजै हो। प्यालो आयो जहर को चरणोदक लीजै हो। मीरां दासी वारणै, अपनी कर लीजै हो। ॥२८०॥† “प्यालो लीजै हो” पंक्ति का शेष पद से समन्वय नही होता। यह पद अधिकाश कीर्तन-मडली के पदो की लय पर ही है। २ हे मेरो मन मोहना। आयो नाहि सखी री, हे मेरो मन मोहना। कै कहूं काज किया सतन का कै कहू गैल भुलावना। कहा करू कित जाऊं मोरी सजनी, लाग्यो है बिरह सतावना। मीरा दासी दरसण प्यासी, हरि चरणो चित लावणा ॥२८१॥ ३ वारी वारी हो रामा हू वारी, तुम आज्यौ गली हमारी। तुम देख्यां बिन कल न पड़त है, जोऊ बाट तुम्हारी।