मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४ २८ साजन, म्हाँरी सेजडली कद आवै हो ५६ ४५ २९ म्हॉरे घर आवो जी, राम रसिया ५७ ४६ ३० भवन पति, तुम घरि आज्यो जी ५८ ,, ३१ बेग पधारो साँवरा कठिन बनी है ५९ ,, ३२ म्हाँरे घर होता जाज्यो राज़ ६० ४७ (१) होता जाज्यो राज,महलाँ म्हॉरे होता जाज्यो राज़ ,, ३३ साजन, बेगा घर आज्यो जी . ६१ ,, ३४ आवो मनमोहना जी जोऊँ थारी बाट ६२ ४८ ३५ आवो मनमोहना जी मीठा थॉरा बोल ६३ ,, ३६ कोई कहियो रे विनती जाइकै, म्हॉरा प्राण पिया नाथ नै ६४ ' ३७ पतिया ने कूण पतीजै, आणि खबरि हरि लीजै ६५ ४९ ३८ थे छो म्हॉरा गुण रा सागर ६६ ,, ३९ मदरो सो बोल मोरा, मोरा स्याम बिन जिय दोरा ६७ ५० ४० ऊधो, भली, निभाई रे ६८ ,, ४१ अहो कोई जाणे गुवालियो, बेदरदी पीर तो पराई ६९ ,, ४२ देख्या कोई नन्द के लाला, बताओ बसरी वाला ७० ५१ ४३ वेद वण आयजो, स्वामी म्हॉरा व्याकुल भयो है सरीर ७१ ४४ थॉरे रंग रीझी रसिक गोपाल ७२ ५२ ४५ गिरिधर रूसणूं जी कोन गुनाह . ७३ ,, ४६ सहेल्या ऊद्धौ जी आया है ... ७४ ५३ ४७ निजर भर न्हालो नाथजी, हूँ तो थॉरे चरणा री दासी ७५ ,, ४८ राम मिलण रो घणो उमावो, नित उठ जोवूं बाटडियाँ ७६ ५४ • ४९ बसी वारो आयो म्हॉरो देस ७७ ,, ५० म्हॉरी सुध ज्यो जाणो ज्यो लीजो जी . ७८ ५५ (१) सजन, सुध ज्यूँ जानै त्यूँ लीजै हो ,, (२) साजन, सुधि ज्यो जाणो, त्यो लीज्यौ जी ,, (३) ज्यूँ जाणो ज्यूँ लीज्यो सजन, ५६ (४) थे म्हॉरी सुध ज्यूँ जाणूं ज्यूँ लीज्यौ ,, ५१ पिया जी म्हॉरि नेणा आगे रहज्यो जी ७९ ५७ ५२ कहो ने जोशी प्यारा, राम मिलण कद होसी ८० ,, ५३ इतनूं कोई छै मिजाज म्हॉरि मदिर आवताँ ८१ ,, मिश्रित भाषाओं मे प्राप्त पद १ थे तो पलक उघाडो दीनानाथ, ८२ ५८ २ राम मिलण के काज सखी, मेरे आरति उर मे जागी रे ८३ ,,