मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५ ३. पिया मोहि दरसण दीजै हो ... .. ८४ ५९ ४. नीदडली नही आवै सारी रात, किस बिध होई परभात ८५ " ५. सइयाँ तुम बिन नीद न आवै हो . . ८६ ६० ६ थे म्हाँरे घर आवो जी प्रीतम प्यारा . ८७ , • (१) घर आवो जी प्रीतम प्यारा . . , • (२) म्हाँरे घर आज्यो प्रीतम प्यारा .. ६१ • (३) म्हाँरे डेरे आज्यो जी महाराज .. " ७ आई मिलो हमकूँ प्रीतम प्यारे, ८८ " •८ कभी म्हाँरे गली आव रे, जिया की तपन बुझाव रे ८६ ६२ ९ घर आवो जी साजन मिठबोला . ९० ६३ १० तुम आज्यो जी रामा, आवत आस्याँ सामा . ९१ " ११. उड जा रे कागा बन का ९२ " १२ गोविन्द, कबहुँ मिलै पिया मोरा . ९३ ६४ १३ भीजै म्हाँरो दावण चीर, सावणियो लुम रहियो रे ९४ " १४ म्हाँरि घर आओ, स्याम, गोठडी कराइये ९५ , १५ साँइया, सुणजो अरज हमारी .. . ९६ ६५ १६. हरि, म्हाँरी सुणजो अरज महाराज . : ९७ , १७ कैसी रितु आई, मेरो हियो लरजे है मा .. ... ९८ " १८. ऐसी ऐसी चाँदनी मे पिया घर नाई . ९९ ६६ १९ मोसी दुखियाँ कूँ, लोग सुखिया कहत है .. १०० " २० रसमरिया महाराज मोकूँ, आप सुनाई बाँसुरी .. १०१ ६७ २१ प्यारी हट माँड्यो माँझल रात . १०२ " २२ लाग रही औसेर कान्हा, तेरी लाग रही औसेर . १०३ ६८ २३ माधो बिन बसती उजार मेरे भावे . १०४ , २४ दासी, म्हाँरा मारुडा मारुँ जी से कहना .. . १०५ " २५. तुम ह्याँ ही रहो राम रसियाँ . १०६ ६६ २६ नेहा समद बिच नाव लगी है १०७ " २७ माई, म्हाने मोहन मित्र मिलाय .१०८ " २८ मैं खड़ी निहारुँ बाट, चितवन चोट कलेजे बह गई १०६ ७० २९ उधो, म्हाँरे मन की मन मे रही ... .. ११० " ३० तुम आवो हो कृपानिधान बेग ही ... ... १११ " ३१ होली पिया बिन मोहि न भावै, घर आँगण न सुहावै . ११२ ७१ ३२ किण सग खेलूँ होली, पिया तजि गए है अकेली ११३ " ३३. इक अरज सुनो मोरी, मैं किन सग खेलूँ होली ११४ ७२ ३४ होली पिया बिन मोहि लागे खारी, सुनो री सखी प्यारी ११५ "