मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें९ (१) राणा जी जहर दियो हम जानी .. . १२४ (२) राणा जी जहर दियो हम जानी .. .. " (३) जहर दियो म्हे जाणी . " (४) जहर दियो म्हे जानी, राणा जी म्हाने . . १२५ (५) जहर दियो सो जाणी . . " ३ म्हाँरा नटनागर गोपाल लाल बिन .. २०२ १२६ ४. राणो म्हाँरी कॉई करिहै, मीराँ छोड दई कुल लाज . २०३ १२७ ५. मेरो मन हरिसूं जोऱ्यो, . .. .. २०४ " ६. यौँ तौ रग धत्ता लाग्यो ए माय ... २०५ १२८ (१) किण विध कहूँ, कहण नही आवै " (२) किण विध कहूँ, कहण नही आवै .. " ७ गिरधर के मन भाई हो राणा जी . २०६ १२९ ब्रजभाषा में प्राप्त पद १ माई री मे साँवलिया जान्यो नाथ २०७ १३० २ मीराँ मगन भई हरि के गण गाय २०८ " खड़ी बोली में प्राप्त पद • १. तेरा मेरा जिवडा यक कैसे होय राम ... २०९ १३१ गुजराती में प्राप्त पद १ आदि वैराग ण छुँ राणा जी, मे आदि वैरागिण छुँ २१० " २ आज मोरे साधुजन नो सग रे, राणा, मारा भाग्य भला रे २११ " ३ मे तो छाडी छाडी कुल की लाज .. २१२ १३२ ४ गोविन्दो प्राणो अमारो रे, मने जग लाग्यो खारो रे २१३ १३२ ५ म्हारे सिर पर साल्लिग्राम, राणा जी म्हाँरो काँई करसी २१४ १३३ मिलन और बधाई राजस्थानी में प्राप्त पद १ म्हाँरा ओलगिया घर आया जी . . . २१५ १३५ २ सहेलियाँ साजन घर आया हो .. . २१६ " ३. राम जी पधारे धनि आज री घरी . २१७ १३६ ४ राम स्नेही साँवरियो, म्हाँरी नगरी मे उतऱ्यो आई . २१८ " ५. गिरधर आवणाँ है ऊदाँबाई सेजडली सँवार .. २१९ १३७ ६ म्हॉरे आजि रंगीली रात, मनडारा म्हरम आइथा . २२० " ७. रे साँवलिया म्हारे आज रगीली गणगोर छै जी . २२१ १३८ ८ म्हाँके जी गिरधारी, थाँसूं म्हे बोले ... २२२ "