मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१० मिश्रित भाषाओं में प्राप्त पद १ तनक हरि चितवो जी मेरी ओर . २२३ १३९ २ आज सखी मेरे आनन्द भयो है, घर मे मोहन लाधोरी २२४ ,, ३ आण मिल्यो अनुरागी (गिरधर) आण मिल्यो २२५ १४० ब्रजभाषा में प्राप्त पद १ बदला रे तू जल भरि ले आयो २२६ १४१ २. नन्द नन्दन बिलमाई, बदरा ने घेरी माई, २२७ ,, • (१) चित नन्दन बिलमाई, बदरा ने घेरी माई ,, ३ मेहा बरसवो करे रे, आज तो रमियो मैरे घर रे २२८ १४२ ४ देखी बरषा की सरसाई, मेरे पिया जी के मन आई २२९ ,, ५ रग भरी रग भरी, रग सूं भरी री २३० ,, ६. बसो मोरे नैनन मे नन्दलाल २३१ ,, ७ जोमीडा ने लाख बधाई, अब घर आये स्याम २३२ १४४ • (१) जोसीडा ने लाख बधाई, आज घर आये स्याम ,, ८. पायो जी मैं तो राम रतन धन पायो २३३ ,, •(१) राम रतन धन पायो, १४५ ९. माई मै तो लियो रमैयो मोल २३४ ,, •(१) माई, म्हैं गोविन्द लीनी मोल १४६ (२) माई, म्है लीयोरी गोविन्दो मोल ,, (३) मै तो गोविन्द लीन्हो मोल ,, (४) माई, मै तो लियो है साँवरियो मोल १४७ ˙ . (५) माई, मै तो लियो छै साँवरियो मोल " गुजराती में प्राप्त पद १. मने मलिया मित्र गोपाल, नही जाऊँ सासरिए २३५ १४८ २. अरज करे छे मीरा राकडी, ऊँभी ऊँभी अरज करे छे २३६ ,, ३. अबोला सीद जीही रहा मारा राज २३७ १४९ समर्पण द्योतक पद राजस्थानी में प्राप्त पद १ मीराँ रग लाग्यो हो नाम हरी, और रग अटकि परी . • २३८ १५१ • (१) मीराँ रग लाग्यो नाँव हरी, और रग अटकि परी ,, • (२) मीराँ लागो रग हरी, और रग सब अटक परी १५२ २ चालाँ वाही देस, चालाँ वाही देस २३९ १५३