मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें११ मिश्रित भाषाओं में पाप्त पद १ म्हाँने चाकर राखो जी गिरधारी लाला, चाकर राखो जी २४० १५४ २ मैं तो थाँरे दामन लागी जी गोपाल २४१ ,, ब्रजभाषा में प्राप्त पद १. मेरे मन राम द्राम बसी . २४२ १५५ २ हमारे मन राधा स्याम बसी २४३ ,, ३ माई मैं तो गोविन्द सो अटकी २४४ १५६ ४. पग घुँघरू बाँध मीराँ नाची रे . २४५ ,, ५ चितननन्दन आगे नाचूँगी २४६ १५७ • (१) घुघरूँ बाँध मीराँ नाची रे, पग घुघरूँ ,, ६ मै गिरिधर के घर जाऊँ २४७ ,, ७ हरि मेरे जीवन प्राण अधार २४८ १५८ ८ निपट यकट छबि अटकै मेरे नैना २४९ ,, ९ सखी मेरो कानूडो कलेजे कोर २५० विभिन्न बोलियों में प्राप्त पद १. हमरे रौरे लागिल कैसे छूटी .. २५१ १५९ २ जो तुम तोडो पिया, मै नही तोडू . .. २५२ ,, गुजराती में प्राप्त पद १. मुखडानी माया लागी रे मोहन प्यारा . .. २५३ १६० ३. लेह लागी मने तारी, अल्याजी , २५४ ,, ३ नागर नन्दा रे बाल मुकुन्दा, छोडी छोने जनना धधारे २५५ ,, ४ राम चमकडू-जडियो रे राणाजी, २५६ १६१ ५ राम सीतापती थारी नेह लागी हो २५७ ,, ६. सुन्दरि स्याम सरीर म्हाँरा दिल २५८ १६२ ७ नही रे बिसरूँ हरि अन्तर माँ थी २५९ ,, “दासी” और “जन” प्रयोग युक्त पद राजस्थानी में प्राप्त पद १ तुमरे कारण सब सुख छाड या, .. २६० १६५ २ थाँरी छूं रमैया मोसूँ नेह निभावी २६१ ,, ३. पपइया रे पिव की बाणी न बोल .. . २६२ १६६ ४ साजन घर आवो जी मिठबोला . ∩ २६३ ,, • (१) सजन घर आवो जी मीठाँ बोलॉ १६७