मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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- १२ - ब्रजभाषा में प्राप्त पद १ सखी मन स्याम सूरत बसी २९२ . २ पिया अब घर आज्यो मोरे, तुम मेरे हूँ तोरे २९३ " ३ कैसे जिऊँ री माई, हरि बिन कैसे जिऊँ री २९४ १८४ ४ मैं हरि बिन क्यो जिऊँ री माय २९५ " ५ प्रभु बिन ना सरै माई २९६ " ६ मैं अपने सैयाँ सग साँची २९७ १८५ ७. राणाजी, साँवरे रंग राची २९८ " ८ माई, मैं तो गिरधर के रंग राची २९९ १८६ ९ माई, मैं तो गिरधर रंग राची ३०० " १० राणा जी मै तो साँवरे रग राची ३०१ १८७ ११ मैं तो रग राती गुँसाइयाँ, मै तेरे रंग राती ३०२ .. १२ मैं गिरधर रग राती, सैयों ३०३ १८८ १३ सखी री, मै तो गिरधर के रग राती ३०४ ' १४ साँवरे रग राची, राणा जी हूँ तो . ३०५ १८९ १५. राणा जी, हो मै साधून रग राती ... ३०६ " १६. राम तने रंगू राची, राणा जी मैं तो साँवलियों रग राची ३०७ १९० १७ गोपाल रग राची, मैं श्याम रंग राची ३०८ .. १८ भीड छाँडि बीर बैद मेरे पीर न्यारी है ३०९ १९१ १९ हरि बिन कूंण गति मेरी ३१० " २० हरि तुम हरो जन की भीर . ३११ १९२ (१) हरी तुम हरौ जन की भीर " २१. मन रे परसि हरि के चरण . ३१२ १९३ २२ मैं तो तेरी सरण परी रे, राम, ज्यूँ जाणे ज्यूँ तार . ३१३ " २३ नहि ऐसो जनम बारम्बार ३१४ " . (१) नहि ऐसो जनम बारम्बार .. १९४ २४ यहि विधी भक्ति कैसे होय . ३१५ " २५ मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई . ३१६ १९५ २६ मेरे तो राम नाम, दूसरा न कोई ... ३१७ " २७. गोविन्द सूं प्रीत करत, तब ही क्यूँ न हटकी .. ३१८ १९६ .२८. सखी री, लाजि बैरन भई ३१९ १९७. २९. सखी, मोहे लाज बैरन भई ३२० ३०. अब तो हरि नाम लौ लागी ३२१