भारतकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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१४ गुजराती में प्राप्त पद १ सूं करूँ राना जी मारो चितडूं चुराये मारे मनडूं बेधाये ३२२ . १९९ २ म्हाँरे घेरे आवो सुन्दर श्याम, ३२३ ,, ३ विट्ठल वाहेला आवो रे, ३२४ २०० ' ४ जेने मारा प्रभु जी नी भक्ति न भावे, ३२५ ,, ५ भजलो नी सन्तो भजलो नी साधो, ३२६ २०१ विभिन्न बोलियों में प्राप्त पद पजाबी मे प्राप्त पद १ लागी सोही जाणै, कठण लगण ही पीर ३२७ २०२ २ कठण लगन की पीर रे, हरि लागी सोई जाने ३२८ .. उपासना खण्ड वैष्णव प्रभावद्योतक--निर्वेदाभिव्यक्ति राजस्थानी मे प्राप्त पद- १ थोडी थोडी पावो गिरधारी लालु जी ३२९ २०५ २ म्हॉरो मनडो लाग्यो हरि सूं में अरज करूँ अतर सूं ३३० ,, ३ मै थांरे गुण रीझी हो रसिक गोपाल .३३१ ' ४ बाना रो बिडद दुहेलो रे ३३२ २०६ ५ हरि से गरब किया सोई हारा ३३३ ,, ६ राणा जी, करमा रो सगाती कुल मे कोई नही ३३४ २०७ ७ साधू म्हॉरे आइया हेली, वे गिरधर जी रा प्यारा ३३५ २०८ ८ बडे घर ताली लागी रे, म्हारा मनथी उणारथ भागी रे ३३६ ,, ९ आवो सखी रली कराँ हे, पर घर गवण निवारि ३३७ ' १० राम मोरी बाँहडली जी गहो ३३८ २०९ ' ॰ (१) बाँहडली जी गहो राम जी २१० ११ सूरत दीनानाथ सो लगी ३३६ ,, १२ सब जग रूठ्या, रूठण द्यो, येक राम रूठ्यो नहि पावै ३४० २११ मिश्रित भाषाओं में प्राप्त पद १ अरे, मै तो ठाढी जपूँ रे राम माला रे . ३४१ ,, २ ज्योँरों चित चरणों से लागा, वे ही सबेरे जागा ३४२ ,, ३ माई म्हाँरे निरधन को धन राम • ३४३ २१२. ॰ (१) माई म्हाँरे निरधन को धन राम .. ,, ४, भजु मन चरण कवल अविनासी ... .. .. ३४४ . ,,