मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१७ ५. मिथुला, कर पूजन की त्यारी ... ४०३ ,, • (१) मिथुला, सुन यह बात हमारी . ,, ६ मन मोह्यो रे बसीवाला ४०४ २३७ ७ वाह वाह रे मोहन प्यारे, कहां चले जादू करिके ४०५ ,, ८ पाछो रथ फेरो द्वारका रा रा ४०६ ,, ९ मैया ले थारी लकरी, ले थारी काँवरी ४०७ २३८ १० आज अनारी ले गयो सारी, बैठी कदम के डारी हो माय ४०८ ,, ११ वाटडली निहारों जी हरि ठाडी . ४०९ २३९ १२. मोरी गलियन मे आवो जी घनश्याम ४१० , ब्रजभाषाओं में प्राप्त पद । १ कुबज्या ने जादू डारा री, जिन मोहे श्याम हमारा . ४११ २४० २ मेरे प्यारे गिरिवरधारी जी, दासी क्यो बिसार डारी ४१२ ,, ३ छैल, गैल मत रोकै तू हमारी रे ४१३ ,, ४ छाँडो लगर मोरी बहियाँ गहो ना ४१४ २४१ ५ बडी बडी आँखियन वारो सांवरो, मो तन हेरो हँसि केरी ४१५ ,, • (१) हे माँ बडी बडी आँखियन वारो सांवरो २४२ ६ अब नही जाने दूँ गिरधारी, ४१६ ,, ७ मेरी चूनर भिजावे, मेरे भिजे अंगी पाक ४१७ २४३ ८ जागो मोहन प्यारे ललना, जागो बसीवारे ४१८ ,, ९ तुम सों तो मन लाग रह्यो, तुम जागो मोहन प्यारे . ४१९ २४४ १० सखी मेरो कानूड़ो कलेजे की कोर ४२० ,, ११ रे री कौन जाति पनिहारी ४२१ २४५. १२. गागर ना भरन देत तेरो कान्ह माई ४२२ ,, १३ कमल दल लोचना, तैने कैसे नाथ्यो भुजग ४२३ ,, १४ मन अटकी मेरे दिल अटकी हो ४२४ ,, १५. यदुबर लागत है मोहि प्यारो . ४२५ २४६ १६. भज केशव गोविन्द गोपाल हरि हरि ४२६ ,, १७ या मोहन के मैं रूप लुभानी .. ४२७ २४७ १८ अब मै शरण तिहारी जी मोहि राखो कृपानिधान . ४२८ ,, १९. सुण लीजो बिनती मोरी, में सरन गही प्रभु तोरी .. ४२९ ,, २०. तुम बिन मोरी कौन खबर ले, गोबरधन गिरधारी . ४३० २४८ २१ देखत राम हँसे सुदामा कूं, देखत राम हँसे . ४३१ ,, २२ गोकुल के बासी भले ही आये . ४३२ ,, २३: आये आये जी महाराज आये ... ... . ४३३ २४९