भारतकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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१८ २४ कोइ न जाने हरि या तारी गती, कोई ना जाणे ४३४ ,, २५ निपट विकट ठौर, अटके री नैना मेरे ४३५ ,, २६ जब ते मोहि नन्दनन्दन दृष्टि पड्यो माई ४३६ २५० • (१) जब ते मोहि नन्दनन्दन दृष्टि पड्यो माई ,, • (२) जब ते मोहि नन्दनन्दन् दृष्टि पड्यो माई २५१ • (३) जब ते मोहि नन्दनन्दन दृष्टि पर्यो माई ,, • (४) जब ते मोय नन्दनन्दन दृष्टि पडयो माई २५२- २७ कोई स्याम मनोहर ल्योरे, सिर धरे मटकिया डोले ४३७ ,, २८ या ब्रज मे कछु देख्यो री टोना ४३८ २५३ २६ शिव मठ पर सोहै लाल ध्वजा ४३९ ,, ३० शिवके मन माँही बसी कासी ४४० २५४ ३१ वे न मिले जिनकी हम दासी ४४१ ,, ३२ नमो नमो तुलसी महाराणी, नमो नमो हरि की पटरानी ४४२ ,, ३३ अजी ये लला जू आज गोकुल वासी ४४३ २५५ ३४ नागर नन्दा रे मुगट पर वारी जाऊँ ४४४ ,, ३५ कृष्ण करो यजमान, अब तुम ४४५ २५६ ३६ माई मोरे नैन बसे रघुबीर ४४६ ,, ३७ दोनो ठाढे कदम की छइयाँ ४४७ ,, ३८ गोरस लीने नन्दलाल, रस माँ ४४८ ,, विभिन्न बोलियों मे प्राप्त पद खडी बोली मे प्राप्त पद १ एरी बरजो जसोदा कान, मेरे घर नित्य आता है ४४९ २५७ २ बसीवारे की चितवन सालति है ४५० ,, ३ बता दे सखी साँवरियाँ को डेरो किती दूर ४५१ , पजाबी मे प्राप्त पद १ दसियो मोहन किस दानी ४५२ २५८ भोजपुरी मे प्राप्त पद • १ मेरो मन बसि गयो गिरधर लाल सो ४५३ ,, बिहारी मे प्राप्त पद १. मै तो लागी रहो नन्दलाल सों ४५४ २५९ २ हरि सो बिनती कर जोरी ४५५ , ३ जागिस गिरधारी लाल, भक्तन हितकारी ... ... ४५६ ,,