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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

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२१ बाँसुरी वर्णन ब्रजभाषा में प्राप्त पद १ कान्हा रसिया वृन्दावन बासी ५१० " ⸚ (१) म्हाँरी बालपना की परीति थ्रे निभाज्यो रैना ५१० " २ आजु मैं देख्यो गिरधारी ५११ २८५ ३ प्यारी मैं ऐसे देखे श्याम ५१२ २८५ ४ कही ऐसे देखे री घनश्याम ५१३ २८६ ५ बाँकैं साँवरियाँ ने घेरि मोहि आन के ५१४ " ६ भई हो बावरी सुनके बाँसुरी ५१५ " ७ मुरलिया बाजे जमुना तीर ५१६ " ८ मोरे अँगना मे मुरली बजाय गयो रे ५१७ २८७ ९ कवन गुमान भरी बसी तू ५१८ " १० राधा प्यारी दे डारो जू बसी हमारी ५१९ २८८ ˙ (१) श्री राधे रानी, दे डारो बसी मोरी ५१९ " ११ चालो मन गगा जमुनी तीर ५२० २८९ १२ बंसीवारे हो कान्हा मोरी रे गगरी उतार. ५२१ " १३. तो सु लाग्यो नेहरा, प्यारे नागर नद कुमार ५२२ २९० १४. गावे राग कल्याण, मोहन गावे राग कल्याण ५२३ " १५. गौडी तो अब मिट गई, जब अस्त भयो है भाण ५२४ " गुजराती में प्राप्त पद १. वागे छे रे, वागे छे रे, पेला बनडा माँ ५२५ २९१ २. ए रे मोरली बृन्दावन वागी .. ५२६ " ३ चालो नी जोवा जइये रे, माँ मोरली वागी ५२७ " ४ एक दिन मोरली बजाई कनैय्या .. ५२८ २९२ ५ लीधाँ रे लटके, म्हाँरा मन लीधाँ रे लटके . ५२९ " ६ मोरली ए मोह्याँ मोहन, तारी मोरली ए मन मोह्याँ ५३० " ७ मार्या छे मोहन बाण, बाँली डे .. ५३१ " ८. वागे छे रे, वागे छे, वृन्दावन मुरली, बागे छे ५३२ २९३ नाथ-प्रभाव द्योतक पद राजस्थानी में प्राप्त पद १ जावा दे जावा दे. जोगी किसका मीत ५३३ २९५ २ जोगिया जी छाइ रह्यो परदेस ५३४ "