मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२२ ३ जोगिया जी ! निसि दिन जोवहाँ थारी बाट ५३५ ,, ४ पिय बिन सूनो छै जी म्हाँरो देस ५३६ २९६ ५ जोगिया जी आवो थे या देस ५३७ ,, ⬝ (१) जोगिया जी आजो इण देश ,, ६ म्हारे घर रमतो ही आई रे जोगिया ५३८ २९७ ७ जोगिया जी दरसण दीजो राज ५३९ ,, ⬝ (१) जोगिया दरस दीजो राज, बाँह गह्मा की लाज २९८ ८ तेरो मरम नहि पायो रे जोगी ५४० ,, ९ कोई दिन याद करोगे, रमता राम अतीत' ५४१ ,, १० धूतारा जोगी एकर सूं हँसि बोल ५४२ २९९ ११ धूतारा जोगी एक बेरिया मुख बोल रे ५४३ ,, १२ जोगिया आँणि मिल्यो अनुरागी ५४४ ३०० ⬝ (१) जोगिया आणि मिल्यो अनुरागी ,, मिश्रित भाषाओं में प्राप्त पद १ आपणाँ गिरधर के कारणे ५४५ ३०१ (१) आपणॉ गिरधर कै कारणै, मीराँ वैरागण भई रे ,, (२) अपणै प्रीतम के कारणै, मीराँ वैरागण भई रे ,, (३) अपने प्रीतम के कारणै, मीराँ वैरागन हो गई रे ,, २ ऐसी लगन लगाय कहाँ तू जासी ५४६ ३०२ ३ माई। म्हाँनै रमइयो है दे गयो भेष ५४७ ,, ब्रजभाषा मे प्राप्त पद १ जोगिया, मेरे तेरी . ... ५४८ ३०३ २ जोगिया री सूरत मन मे बसी .. ५४९ ,, ३ जोगिया जी, तूं कबरे मिलोगे आई ५५० ,, ४ जोगिया से प्रीतं किया दुख होई ५५१ ,, ५ जोगी मत जा, मत जा, पाँव परूँ मै तेरी ५५२ ३०४, गुजराती मे प्राप्त पद १ मैने सारा जगल ढूँढा रे, जोगिडा ना पाया ५५३ २ मलवो जटाधारी जोगेश्वर बाबा, मल्यो रे जटाधारी ५५४ *, ३ उठ तो चाले अवधूत, मठ माँ कोई ना बिराजे ५५५ ३०५